विरोध काम न आया, हटाया अतिक्रमण
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शहर कोतवाली क्षेत्र के परदहां क्षेत्र में कलेक्ट्रेट के साथ, विकास भवन, दिवानी कचहरी और सदर तहसील के साथ अन्य कई सरकारी विभाग हैं। इन सरकारी कार्यालयों के आसपास चाय पान के साथ खाने पीने की दूकानें खुल गईं। इसमें अधिकांश अनाधिकृत रूप से स्थापित हो गईं। साथ ही साथ दूकान के लिए आवंटित जमीन में कई ने आवास बना लिया। इससे आए दिन परेशानियों से लोगों का सामना होता। अव्यवस्थित तरह से स्थापित दूकानों को दुरुस्त कराने की योजना जिलाधिकारी ने तैयार की।
इस दौरान उन्होंने आवंटित जमीन के मालिकों को एक सप्ताह के भीतर उक्त स्थान को खाली करने का आदेश जारी किया। इसमें बताया गया था कि उक्त स्थान का सुंदरीकरण कर वहां दूकानों को व्यवस्थित तरह से स्थापित करना है। जारी नोटिस का समय पूरा होने के बाद भी दूकानदारों ने स्थान को खाली नहीं किया। इस पर शनिवार को जिला और पुलिस प्रशासन के संयुक्त रूप से वैध के साथ अवैध रूप से स्थापित कब्जे को हटाने का कार्य शुरू किया। जैसे ही प्रशासन की जेसीबी दूकानों को ढहाने के लिए पहुंची, नाराज दूकानदार विरोध पर उतर आए।
इस दौरान कुछ दूकानदार जेसीबी के सामने ख़ड़े होकर विरोध करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन उन्हें हटाई। कुछ तो पुलिस के हस्तक्षेप करने पर वहां से फरार हो गए, लेकिन वहां डटे रहें। इस दौरान चाय आदि बेचने वाला दूकानदार विनोद और उसके भाई को पुलिस को जमकर पीटा। इस दौरान विनोद की पत्नी बेहोश हो गई। बाद में मौके पर मौजूद एसडीएम सदर जगदंबा सिंह, सीओ नगर सुशील कुमार और नगर मजिस्ट्रेट ने मामले को संभाला। नगर मजिस्ट्रेट अमर नाथ राय ने बताया कि हटाई गई दूकाने अवैध रूप से स्थापित थी।
बोले पहले से ही दूकानदारो को नोटिस दी गई थी। इस दौरान कुछ ने तो समझदारी दिखाते हुए अपना समान समेट लिया था। लेकिन अधिकांश जमें थे।