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कोरोना की दूसरी लहर में टले ऑपरेशन, आम मरीजों को नहीं मिल रही राहत
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मऊ। कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर से सबसे ज्यादा प्रभाव नान कोविड मरीजों को हो रहा है। जिले के सरकारी चिकित्सालयों में ओपीडी बंद होने के साथ गंभीर मरीजों को ऑपरेशन न होने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। फिलहाल जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से नाममात्र डिलीवरी हो रही है। नगर के कुछ निजी अस्पतालों को छोड़ किसी अस्पताल में गंभीर मरीजों का आपरेशन नहीं किया जा रहा है।
कोरोना की दूसरी के कारण 100 बेड के जिला अस्पताल में बीते अप्रैल में सैकड़ों आपरेशन टल चुके हैं। जबकि कोरोना संक्रमण से पूर्व मार्च में जिला अस्पताल में प्रतिदिन पथरी, हार्निया, आंख और दांत आदि के करीब 30 से 40 ऑपरेशन हाते थे। जो गत डेढ़ माह से बंद हैं। साथ ही जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन पांच से छह डिलीवरी ऑपरेशन से हो रही थी। जबकि दस से ज्यादा सीजर आपरेशन होता था।
लेकिन बीते अप्रैल में तीन सीजर हुआ था। जबकि सामान्य प्रसव 39 से नीचे रहा। वर्तमान में एक से दो सामान्य प्रसव महिला अस्पताल में कराया जा रहा है। यहीं स्थिति निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 50 से ऑपरेशन हुआ करते थे जो महज अब निगेटिव रिपोर्ट होने पर पांच से 10 तक सीमित हो गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण फिलहाल ऑपरेशन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजलाल ने बताया कि अस्पताल के आधे चिकित्सक संक्रमित हो चुके हैं, वहीं आधे चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी लगी है।
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निजी अस्पतालों से मिल रही है मायूसी
मऊ। कोरोना संक्रमण की दूूसरी लहर से पूर्व नगर के बड़े निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 50 से ज्यादा आपरेशन किए जा रहे थे। वर्तमान में कुछ अस्पतालों के बंद होने व कोविड अस्पताल बनने के कारण शेष में करीब 10 से 12 ऑपरेशन प्रतिदिन हो रहे हैं। शेष को कुछ समय बाद आने को कहा जा रहा हैं। ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को समय-समय पर चेकअप कराने और दवाई लेने की सलाह दी जा रही हैं। फिलहाल अधिकांश निजी अस्पतालों में कोरोना के संदिग्ध मरीज होने के कारण एहतियात बरता जा रहा हैं।
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कोरोना की दूसरी के कारण 100 बेड के जिला अस्पताल में बीते अप्रैल में सैकड़ों आपरेशन टल चुके हैं। जबकि कोरोना संक्रमण से पूर्व मार्च में जिला अस्पताल में प्रतिदिन पथरी, हार्निया, आंख और दांत आदि के करीब 30 से 40 ऑपरेशन हाते थे। जो गत डेढ़ माह से बंद हैं। साथ ही जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन पांच से छह डिलीवरी ऑपरेशन से हो रही थी। जबकि दस से ज्यादा सीजर आपरेशन होता था।
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लेकिन बीते अप्रैल में तीन सीजर हुआ था। जबकि सामान्य प्रसव 39 से नीचे रहा। वर्तमान में एक से दो सामान्य प्रसव महिला अस्पताल में कराया जा रहा है। यहीं स्थिति निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 50 से ऑपरेशन हुआ करते थे जो महज अब निगेटिव रिपोर्ट होने पर पांच से 10 तक सीमित हो गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण फिलहाल ऑपरेशन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजलाल ने बताया कि अस्पताल के आधे चिकित्सक संक्रमित हो चुके हैं, वहीं आधे चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी लगी है।
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निजी अस्पतालों से मिल रही है मायूसी
मऊ। कोरोना संक्रमण की दूूसरी लहर से पूर्व नगर के बड़े निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 50 से ज्यादा आपरेशन किए जा रहे थे। वर्तमान में कुछ अस्पतालों के बंद होने व कोविड अस्पताल बनने के कारण शेष में करीब 10 से 12 ऑपरेशन प्रतिदिन हो रहे हैं। शेष को कुछ समय बाद आने को कहा जा रहा हैं। ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को समय-समय पर चेकअप कराने और दवाई लेने की सलाह दी जा रही हैं। फिलहाल अधिकांश निजी अस्पतालों में कोरोना के संदिग्ध मरीज होने के कारण एहतियात बरता जा रहा हैं।