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वित्तीय वर्ष बीतने के कगार पर, अभी भी 116 अवास अधूरे
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मऊ। वित्तीय वर्ष बीतने के कगार पर है लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के तहत आवंटित आवास पूरे नहीं हो सके हैं। ऐसे समय में जब वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज 50 दिन शेष हैं तब भी जिले में दोनों योजनाओं के तहत आवंटित 116 आवास अधूरे हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के 34 और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 82 आवास शामिल हैं। आवासों के निर्माण में अब तक परदहा ब्लाक सबसे फिसड्डी है जबकि रानीपुर, दोहरीघाट और फतेहपुर मंडाव ब्लाक भी पीछे हैं। प्रधानमंत्री आवास के तहत 699 और मुख्यमंत्री आवास योजना में 484 आवास आवंटित हैं। इनके लिए14 करोड़ 19 लाख 60 हजार रुपये दिए गए हैं।
जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 699 आवासों का लक्ष्य है। इनमें से दोहरीघाट में सबसे कम 25, मुहम्मदाबाद गोहना में 33, बडरावं में 46, परदहा में 54, फतेहपुर मंडाव में 57, रानीपुर में 58, घोसी में 67, रतनपुरा148 और कोपागंज में सबसे अधिक 211 आवास स्वीकृत किए गए। इनमें कोपागंज में दो तथा रानीपर और रतनपुरा में एक-एक लाभार्थी का बैंक खाता वेरीफाई नहीं किया जा सका। जबकि 695 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में दो करोड़ 78 लाख रुपयों का भुगतान कर दिया गया। जबकि दूसरी किस्त के रूप में 673 लाभार्थियों को दो करोड़ 74 लाख 40 हजार रुपये दे दिए गए।
दूसरी किस्त पाने वाले नौ लाभार्थियों ने काम पूरा नहीं कराया, जिससे उन्हें तीसरी किस्त नहीं दी गई। इस प्रकार इस योजना में कुल 34 आवास अब तक अधूरे हैं। उधर, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 484 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सबसे कम 15 बड़रावं, घोसी 23, कोपागंज 29, मुहम्मदाबागोहना और रतनपुरा 37, परदहा में 49 और दोहरीघाट में 48, फतेहपुर मंडाव में 100 और सबसे अधिक रानीपुर में 142 सहित कुल 480 आवासों के लिए कुल पांच 76 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इनमें से 474 को पहली किस्त तथा 463 को दूसरी किस्त तथा 437 को तीसरी किस्त की रकम दी जा चुकी है। इस प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना में अभी 82 आवास अपूर्ण है।
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रोजाना आवासों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। ढिलाई बरतने वाले लाभार्थियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जो आवास अधूरे हैं उनकी भी दीवारें लगभग तैयार होने वाली हैं। इसके बाद छत ढाल दी जाएंगी। शौचालय स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण की ओर से निर्मित कराए जाएंगे। मजदूरी 15 हजार 700 रुपये मनरेगा योजना से दिए जाएंगे। - मत्स्येंद्र नाथ द्विवेदी, परियोजना निदेशक
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जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 699 आवासों का लक्ष्य है। इनमें से दोहरीघाट में सबसे कम 25, मुहम्मदाबाद गोहना में 33, बडरावं में 46, परदहा में 54, फतेहपुर मंडाव में 57, रानीपुर में 58, घोसी में 67, रतनपुरा148 और कोपागंज में सबसे अधिक 211 आवास स्वीकृत किए गए। इनमें कोपागंज में दो तथा रानीपर और रतनपुरा में एक-एक लाभार्थी का बैंक खाता वेरीफाई नहीं किया जा सका। जबकि 695 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में दो करोड़ 78 लाख रुपयों का भुगतान कर दिया गया। जबकि दूसरी किस्त के रूप में 673 लाभार्थियों को दो करोड़ 74 लाख 40 हजार रुपये दे दिए गए।
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दूसरी किस्त पाने वाले नौ लाभार्थियों ने काम पूरा नहीं कराया, जिससे उन्हें तीसरी किस्त नहीं दी गई। इस प्रकार इस योजना में कुल 34 आवास अब तक अधूरे हैं। उधर, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 484 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सबसे कम 15 बड़रावं, घोसी 23, कोपागंज 29, मुहम्मदाबागोहना और रतनपुरा 37, परदहा में 49 और दोहरीघाट में 48, फतेहपुर मंडाव में 100 और सबसे अधिक रानीपुर में 142 सहित कुल 480 आवासों के लिए कुल पांच 76 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इनमें से 474 को पहली किस्त तथा 463 को दूसरी किस्त तथा 437 को तीसरी किस्त की रकम दी जा चुकी है। इस प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना में अभी 82 आवास अपूर्ण है।
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रोजाना आवासों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। ढिलाई बरतने वाले लाभार्थियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जो आवास अधूरे हैं उनकी भी दीवारें लगभग तैयार होने वाली हैं। इसके बाद छत ढाल दी जाएंगी। शौचालय स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण की ओर से निर्मित कराए जाएंगे। मजदूरी 15 हजार 700 रुपये मनरेगा योजना से दिए जाएंगे। - मत्स्येंद्र नाथ द्विवेदी, परियोजना निदेशक