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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   On the first day of Sharadiya Navratri, there was a huge crowd at Devi Dham, Maa's court was decorated, devote

Mau: शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन देवी धाम में लगा तांता, सजा मां का दरबार, भक्तों ने लगाए जयकारे

Thu, 03 Oct 2024 06:32 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Thu, 03 Oct 2024 06:32 PM IST
सार

शारदीय नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को दुर्गा मंदिरों में भवानी शैल पुत्री की आराधना की गई। मां दुर्गा के प्रथम अवतार शैल पुत्री की पूजा के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान लोगों ने व्रत रखकर मां का पूजन अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की। नवरात्रि पर्व के मद्देनजर जिले के प्रमुख मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसके साथ ही कुछ मंदिरों पर भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

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On the first day of Sharadiya Navratri, there was a huge crowd at Devi Dham, Maa's court was decorated, devote
शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन देवी धाम में लगा भक्तों का तांता - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मऊ में भक्तों ने पूजा के लिए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली थी। पहले दिन पूजन अर्चन करने वाले भक्तों में अपूर्व उत्साह देखने को मिला। लोगों के उत्साह को देखते हुए उम्मीद है कि नौ दिनों तक होने वाली मां दुर्गा की पूजा धूमधाम से संपन्न होगी। पहले दिन खास तौर से वनदेवी धाम तथा शीतला माता धाम पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई।

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बताते चलें कि दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है। देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है।
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मां दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं। शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैल पुत्री की आराधना की जाती है।
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यह भी मान्यता है कि शैलपुत्री की आराधना अकेले ही नहीं बल्कि भगवान शिव के साथ ही की जानी चाहिए। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर शैल पुत्री की पूजा की।


इस अवसर पर नगर क्षेत्र के मंदिरों माता पोखरा स्थित शीतला माता धाम, फातिमा तिराहा स्थित दुर्गा मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर,  कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर सहित जिले के अन्य गांवों में स्थित तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। श्रद्धालु इलायची, नारियल, दाना सहित मिष्ठान चढ़ाकर दर्शन पूजन कर रहे थे।

जिले के  तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।

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