मऊ/मुहम्मदाबाद गोहना। कृषि में नए अनुसंधान से अपने देश आत्मनिर्भर हुआ है। दुनिया के अनेक देशों सहित भारत भी जब कोरोना महामारी से जूझ रहा था, तो हम सब ने इस वैश्विक आपदा को अवसर में बदलते हुए इसके प्रभाव को कम किया। ये बातें शनिवार को संत गणिनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय की ओर से आयोजित कोरोना काल में सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय मुद्दे व चुनौतियां विषय सेमिनार में मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कहीं।
डॉ. डीके सिंह ने कहा कि हम सभी को निरोग और खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रकृति के करीब रहना चाहिए। डॉ. आरपी यादव ने कहा कि प्रकृति के दोहन का दुष्परिणाम ही महामारी है। हम सभी को पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आगे आना होगा । पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेंद्र कुमार ने शैक्षणिक, सामाजिक, और पर्यावरणीय गतिविधियों में मदद करने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हूर तलअत ने किया। डॉ. आरएन यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. अवनीश कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. राकेश कुमार ने किया। कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. प्रहलाद राम, डॉ. कमलेश, डॉ.जगदेव, डॉ. मनोज, डॉ. मीता सरल, डॉ. दिनेश यादव, डॉ. अवनीश कुमार सिंह, डॉ. प्रेम यादव ,डॉ.राजमणि यादव, डॉ. दिवाकर यादव उपस्थित रहे।