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सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Wed, 29 Jul 2015 12:22 AM IST
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पंजाब में सोमवार को हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में हाईअर्लट घोषित कर दिया गया। लेकिन जनपद में घटना के दूसरे दिन ही पुलिस लापरवाह नजर आई। मंगलवार को हाई अलर्ट जैसी स्थित नहीं देखी गई। दीवानी कचहरी, डीएम कार्यालय, रेलवे स्टेशन आदि महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद रही। यहां न तो जांच अभियान चला और न ही अतिरिक्त सुरक्षा देखी गई। जिले में सुरक्षा व्यवस्था का यह हाल तब रहा, जब डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र प्रशांत कुमार भी अपने मातहतों के साथ कार्यशाला और बैठक करने पहुंचे हुए थे।
मंगलवार को दोपहर करीब 12.30 बजे दीवानी कचहरी के मुख्य गेट पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। अमूमन यहां प्रतिदिन कोई न कोई पुलिसकर्मी जरूर रहता है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर यहां लगाया गया मेटल डिटेक्टर डोर भी नहीं था। दीवानी कचहरी जहां करीब एक से डेढ़ हजार लोगों का आवागमन रहता है वहां कह सुरक्षा व्यवस्था का आलम चौंकाने वाला था। यहां भी कोई व्यवस्था नहीं थी।
दोपहर एक बजे जिलाधिकारी कार्यालय की सुरक्षा भी राम भरोसे ही था। जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट पर कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं था। वहीं डीएम के चैंबर के बाहर एक महिला और पुरुष होमगार्ड बैठे हुए थे। कलेक्ट्रेट कचहरी भी व्यस्ततम क्षेत्र है। जहां हजारों लोगों का आना जाना होता है। करीब डेढ़ बजे रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा भी आम दिनों की तरह थी। यहां पर भी जीआरपी के केवल दो सिपाही प्लेटफार्म पर चक्रमण करते दिखे। लेकिन जीआरपी थाने पर कोई भी पुलिसकर्मी नहीं मिला।
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दो बजे रोडवेज परिसर में भी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नही दिखी। ऐसे में यह माना जा सकता है। रोडवेज परिसर भी व्यस्ततम श्रेणी में आता है। यहां भी भीड़ भाड़ रहती है। रोडवेज परिसर की बात करें तो यहां घटना वाले दिन भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी।
दो बजे रोडवेज परिसर में भी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नही दिखी। ऐसे में यह माना जा सकता है। रोडवेज परिसर भी व्यस्ततम श्रेणी में आता है। यहां भी भीड़ भाड़ रहती है। रोडवेज परिसर की बात करें तो यहां घटना वाले दिन भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी।
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मंगलवार को दोपहर करीब 12.30 बजे दीवानी कचहरी के मुख्य गेट पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। अमूमन यहां प्रतिदिन कोई न कोई पुलिसकर्मी जरूर रहता है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर यहां लगाया गया मेटल डिटेक्टर डोर भी नहीं था। दीवानी कचहरी जहां करीब एक से डेढ़ हजार लोगों का आवागमन रहता है वहां कह सुरक्षा व्यवस्था का आलम चौंकाने वाला था। यहां भी कोई व्यवस्था नहीं थी।
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दोपहर एक बजे जिलाधिकारी कार्यालय की सुरक्षा भी राम भरोसे ही था। जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट पर कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं था। वहीं डीएम के चैंबर के बाहर एक महिला और पुरुष होमगार्ड बैठे हुए थे। कलेक्ट्रेट कचहरी भी व्यस्ततम क्षेत्र है। जहां हजारों लोगों का आना जाना होता है। करीब डेढ़ बजे रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा भी आम दिनों की तरह थी। यहां पर भी जीआरपी के केवल दो सिपाही प्लेटफार्म पर चक्रमण करते दिखे। लेकिन जीआरपी थाने पर कोई भी पुलिसकर्मी नहीं मिला।
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दो बजे रोडवेज परिसर में भी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नही दिखी। ऐसे में यह माना जा सकता है। रोडवेज परिसर भी व्यस्ततम श्रेणी में आता है। यहां भी भीड़ भाड़ रहती है। रोडवेज परिसर की बात करें तो यहां घटना वाले दिन भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी।
दो बजे रोडवेज परिसर में भी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नही दिखी। ऐसे में यह माना जा सकता है। रोडवेज परिसर भी व्यस्ततम श्रेणी में आता है। यहां भी भीड़ भाड़ रहती है। रोडवेज परिसर की बात करें तो यहां घटना वाले दिन भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी।