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Mau News: निजी स्कूलों में भी लागू होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, प्रशस्त एप से जुड़े 69 शिक्षक
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश और खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में विकासखंड के निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और बाल-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देना तथा डिजिटल एप का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार को राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) के सदस्य संजय कुमार तिवारी ने क्षेत्र के सेक्रेड हार्ट स्कूल में विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, समावेशी शिक्षा और डिजिटल संसाधनों के महत्व की जानकारी दी। अभियान के तहत विद्यालय के 69 शिक्षक-शिक्षिकाओं के मोबाइल में प्रशस्त एप डाउनलोड कराया गया और उन्हें इसके उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
संजय कुमार तिवारी ने बताया कि प्रशस्त एप दिव्यांगता या विशेष शैक्षिक आवश्यकता वाले बच्चों की प्रारंभिक पहचान में शिक्षकों की मदद करता है। इसके माध्यम से ऐसे बच्चों को समय रहते चिह्नित कर उन्हें विशेष सहयोग और मार्गदर्शन दिया जा सकता है। यह एप चिकित्सकीय निदान का विकल्प नहीं, बल्कि प्रारंभिक स्क्रीनिंग का साधन है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 प्रत्येक बच्चे की क्षमता और रुचि के अनुसार शिक्षा देने पर जोर देती है। शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विशेष शैक्षिक आवश्यकता के कारण कोई भी बच्चा मुख्यधारा की शिक्षा से वंचित न रहे। विद्यालय प्रबंधन ने अभियान में सहयोग दिया और शिक्षकों ने इसमें भाग लिया।
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इसी क्रम में बृहस्पतिवार को राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) के सदस्य संजय कुमार तिवारी ने क्षेत्र के सेक्रेड हार्ट स्कूल में विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, समावेशी शिक्षा और डिजिटल संसाधनों के महत्व की जानकारी दी। अभियान के तहत विद्यालय के 69 शिक्षक-शिक्षिकाओं के मोबाइल में प्रशस्त एप डाउनलोड कराया गया और उन्हें इसके उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
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संजय कुमार तिवारी ने बताया कि प्रशस्त एप दिव्यांगता या विशेष शैक्षिक आवश्यकता वाले बच्चों की प्रारंभिक पहचान में शिक्षकों की मदद करता है। इसके माध्यम से ऐसे बच्चों को समय रहते चिह्नित कर उन्हें विशेष सहयोग और मार्गदर्शन दिया जा सकता है। यह एप चिकित्सकीय निदान का विकल्प नहीं, बल्कि प्रारंभिक स्क्रीनिंग का साधन है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 प्रत्येक बच्चे की क्षमता और रुचि के अनुसार शिक्षा देने पर जोर देती है। शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विशेष शैक्षिक आवश्यकता के कारण कोई भी बच्चा मुख्यधारा की शिक्षा से वंचित न रहे। विद्यालय प्रबंधन ने अभियान में सहयोग दिया और शिक्षकों ने इसमें भाग लिया।