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तबादले के बाद बैक डेट में नायब तहसीलदार ने कर दिया आदेश

Sat, 11 Jul 2020 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 11:33 PM IST
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Naib Tehsildar ordered in the back date after transfer
मऊ। जनपद की सदर तहसील पर एक साल पहले तैनात रहे नायब तहसीलदार ने स्थानांतरण होने के बाद वसीयत के एक आदेश को निरस्त कर अपने चहेते के पक्ष में एक तरफा आदेश पारित कर दिया। इस मामले में आई शिकायत पर जांच कराई गई तो मामला उजागर हो गया। जांच अधिकारी तहसीलदार ने जांच में पाया कि नायब तहसीलदार ने अपने स्थानांतरण के बाद बैक डेट में बिना बहस सुने ही आदेश पारित कर दिया। वादी के पंजीकृत वसीयत को इन्होंने निरस्त कर दिया था। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीएम व कमिश्नर को भेज दिया है।
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इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से आरोपी अधिकारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजा गया है। आरोपी अधिकारी यहां से प्रोन्नति पाकर स्थानांतरित हुए थे और वर्तमान में आगरा जनपद में खैरागढ़ तहसील में तैनात हैं। जिलाधिकारी को प्रेषित उपजिलाधिकारी सदर की रिपोर्ट के अनुसार सदर तहसील में नायब तहसीलदार रतनपुरा के न्यायालय में भोगा बनाम शिवचंद का वसीयत का एक वाद क्रमांक 6/ 172 धारा 34 के तहत दाखिल किया गय्रा।
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शहर के मौजा सरायलखंसी के एक भूखंड पर वसीयत के आधार पर वादी के पक्ष में आदेश पारित था। लेकिन इस मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार सर्वेश सिंह ने स्थानांतरण के बाद बैक डेट में वादी के खिलाफ अस्तूपुरा निवासी इकबाल आदि के पक्ष में आदेश पारित कर दिया। इस मामले की जानकारी होने पर शहर के भीटी निवासी सुजीत कुमार सिंह की शिकायत पर प्रकरण की जांच तहसीलदार सदर को सौंपी गई। तहसीलदार ने अपनी जांच में पाया कि 6 सितंबर 2019 को तत्कालीन नायब तहसीलदार सर्वेश कुमार सिंह इस पत्रावली में आदेश पारित कर दिया। जबकि उनके न्यायालय के केस डायरी में पत्रावली में उस तिथि में डेट का कोई उल्लेख नहीं पाया गया।
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25 जून 2020 को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में तहसीलदार ने लिखा है कि बिना दोनों पक्षों की बहस सुने ही नायब तहसीलदार ने वादी के विरुद्ध आदेश पारित कर दिया । तहसीलदार ने तर्क दिया है कि यदि इस मामले में बहस सुनी गई होती तो केस डायरी में पत्रावली की डेट का उल्लेख जरूर होता।इस मामले में एसडीएम ने लिखा है कि तहसीलदार की रिपोर्ट से यह सिद्ध होता है कि नायब तहसीलदार के विरुद्ध लगाए गए आरोप सही हैं। उपजिलाधिकारी अतुल वत्स ने 26 जून 2020 को जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को अपनी रिपोर्ट भेज दिया है। इस मामले में उपजिलाधिकारी अतुल वत्स का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार सर्वेश सिंह के विरुद्ध और गहन छानबीन की जा रही है।
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