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निकाय चुनाव: पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं तो वोट नहीं

Wed, 12 Apr 2023 11:40 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 11:40 PM IST
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Municipal elections: No vote if there is no pure water to drink
निकाय चुनाव का बिगुल बजने के बाद नगरपालिका के वार्डों में वर्षों पुराना दर्द ताजा हो गया है। कई साल से पेयजल समस्या के समधान की मांग को लेकर लोग विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके हैं। इस चुनाव में जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि नेताओं को केवल चुनाव के समय हमारी याद आती है। नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर आठ ताजोपुर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ यह समस्या और विकराल हो जाती है। इस बार भी नगरपालिका का कार्यकाल बीत गया। यहां पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुुरुस्त नहीं किया जा सका। वार्ड में करोड़ों की लागत से दो ओवरहेड टैंक तो बने हैं लेकिन सभी घरों में पाइप लाइन नहीं पहुंचायी जा सकी है।
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जिन घरों में पाइप लाइन की व्यवस्था है वहां अब तक जलापूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है। ऐसे में लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। चुनावी बिगुल बजने के बाद अब मतदाताओं मेें शुद्ध पेयजल नहीं तो वोट नहीं का मुद्दा गरमाने लगा है।
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नगरपालिका क्षेत्र वार्ड नंबर आठ की कुल आबादी लगभग 18 हजार है। वार्ड में पेयजल की आपूर्ति के लिए वर्ष 2014 में 20 हजार लीटर क्षमता वाला ओवरहेड टैंक का निर्माण हुआ लेकिन आज तक पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी। वहीं परदहां में आवरहेड टैंक का निर्माण हो रहा है लेकिन अब तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हो सकी।
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जबकि वार्ड की राजभर बस्ती, सिरबंधी, डारेपार, मझौवा, लाठा, ओरहडा में आज भी लोग इंडिया मार्क टू हैंडपंप के सहारे पानी पीने के लिए मजबूर हैं। पेयजल के लिए गांव जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं।

प्रतिक्रिया
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नगर में पेयजल की हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन सालों में कई बार लोग प्रदूषित पानी पीने से बीमार पड़े और कई लोगों को मौत भी हो चुकी है। इस बार चुनाव में शुद्ध पानी नहीं तो वोट नहीं का मुद्दा रहेगा। - हरिनाथ राम
पिछले 25 से 30 साल में इस वार्ड में पेयजल के लिए किसी भी सभासद, नगर पालिका अध्यक्ष ने ईमानदारी से प्रयास नहीं किया है। हर बार के चुनाव में पेयजल संकट चुनावी मुद्दा बनता है। लेकिन आज तक पेयजल का संकट खत्म नहीं हुआ। लोग अभी भी हैंडपंप से पानी पी रहे हैं। - राम सिंह
पिछले पांच सालों में वार्ड में शुद्ध पेयजल के लिए करोड़ों की लागत से एक ओवरहेड टैंक बना है जिसके लिए अब तक पाइप लाइन तक नही बिछाई गई है। अभी भी पेयजल की पूरी व्यवस्था पर जोर नहीं है। वोट मांगने आने वाले प्रत्याशियों से सवाल जवाब किया जाएगा। - विशाल सिंह


वार्ड आठ ताजोपुर ताजोपुर वार्ड में पेयजल की समस्या काफी विकराल है। आए दिन लोग प्रदूषित पानी के सेवन से से बीमार पड़ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का ही परिणाम है। पेयजल समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाने वाले प्रत्याशी को ही वोट दिया जााएगा। -
लालजी यादव
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