मऊ: वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई मुख्तार अंसारी की पेशी, कोर्ट ने वकालतनामा दाखिल करने के लिए दिया अंतिम अवसर
राम सिंह मौर्य और सिपाही सतीश की हत्या के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की पेशी सोमवार को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई।
विस्तार
विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया के न्यायालय में सोमवार को दोहरे हत्याकांड मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की पेशी सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से बांदा जेल से हुई। इस दौरान मुख्तार की ओर से वकालतनामा प्रस्तुत नहीं किया गया।
मुख्तार के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने कार्यवाही को स्थगित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट से कहा कि वकालतनामा पर हस्ताक्षर हो चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में वकालतनामा दाखिल करने के लिए एक अवसर दिया जाए।
इसका एडीजीसी फौजदारी राणा प्रताप सिंह और नंदलाल भारती ने विरोध किया। कहा कि मामला बहस में चल रहा है। इस मामले को विलंबित करने के उद्देश्य से वकालतनामा दाखिल नहीं किया जा रहा। प्रार्थना पत्र को निरस्त करने का अनुरोध किया।
कोर्ट ने कहा- यह अत्यंत ही आपत्तिजनक
विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने सुनवाई के बाद अपने आदेश में लिखा कि मामला बहस में चल रहा है। अभियुक्त मुख्तार अंसारी की ओर से बार-बार वकालतनामा दाखिल किए जाने के लिए समय लिया जा रहा है। जो अत्यंत ही आपत्तिजनक है। अभियुक्त को वकालतनामा प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर दिया जाता है। इसके साथ ही पत्रावली में बहस के लिए 30 अप्रैल की तिथि तय कर दी। अभियोजन और अभियुक्तों के अधिवक्ताओ को नियत तिथि पर अपना-अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
ये है पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगा सिपाही सतीश की तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई । पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपित को कोर्ट में पेश किया। मामले में दोनों पक्षों की गवाही पूर्ण हो चुकी है। पत्रावली में बहस होना है।