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बेटी को सड़क पर छोड़ चली गई मां
mau
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:01 AM IST
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नगर पंचायत अध्यक्ष की मौजूदगी में नैंसी को उसके पिता के सुपुर्द करते यूपी-100 के सिपाही अखिलेश सिंह गौतम।
- फोटो : mau
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सरायलखंसी थाना क्षेत्र के रणवीरपुर गांव के पास मऊ-बहादुरगंज मार्ग पर रविवार की रात चार बजे पांच साल की बच्ची नैंसी भटकती हुई डायल 100 के पीआरवी 2260 पर तैनात पुलिस कर्मियों को मिली। पुलिस वालों ने पूछा तो आंसू भरी आंखों से बच्ची ने बताया कि मां उसे सड़क पर छोड़ कर कहीं चली गई है। बच्ची का ननिहाल रणवीरपुर गांव में है। ऐसे में पुलिस बच्ची के नाना का पता लगाते हुए उसके घर पहुंची तो पता लगा कि बच्ची मधुबन थाना क्षेत्र के खीरीकोठा गांव निवासी धनंजय राजभर की बेटी है।
नैंसी की मां का नाम सुशीला है जो अपने पति को छोड़कर कहीं और चली गई है। बच्ची ने बताया कि उसकी मां सुशीला उसे पिता के पास से लड़ झगड़कर रिक्शे से रणवीरपुर ले आई और वहां पर उसे रिक्शे से उतारकर कहा कि यहां से अपने नाना के घर चली जाओ। इतना कहकर सुशीला बच्ची को छोड़ कर चली गई। तभी अचानक बारिश होते देख बच्ची रोने लगी। इसी दौरान पीआरवी 2260 डायल पुलिस पहुंच गई। सिपाही अखिलेश सिंह गौतम ने बच्ची को गाड़ी में बिठाकर उससे पूछताछ की और फिर उसे लेकर उसके नाना के घर पहुंचा। बच्ची के नाना ने पूरी बात बताकर उसे उसके पिता के घर ले जाने की सलाह दी।
अपने उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बाद अखिलेश बच्ची को बाइक से लेकर खरीकोठा गांव निवासी धनंजय राजभर के घर पहुुंचा। वहां पर सारी बात बताने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया के सामने आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद बच्ची को उसके पिता की सुपुर्द कर दिया। पिता की गोद में जाते ही बेटी रो पड़ी तो पिता ने उसे सीने में भींच लिया। बेटी को पाकर पिता की आंखे भी नम हो उठीं। ऐसे में वहां मौजूद लोग भी भावुक हुए बिना नहीं रह सके।
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नैंसी की मां का नाम सुशीला है जो अपने पति को छोड़कर कहीं और चली गई है। बच्ची ने बताया कि उसकी मां सुशीला उसे पिता के पास से लड़ झगड़कर रिक्शे से रणवीरपुर ले आई और वहां पर उसे रिक्शे से उतारकर कहा कि यहां से अपने नाना के घर चली जाओ। इतना कहकर सुशीला बच्ची को छोड़ कर चली गई। तभी अचानक बारिश होते देख बच्ची रोने लगी। इसी दौरान पीआरवी 2260 डायल पुलिस पहुंच गई। सिपाही अखिलेश सिंह गौतम ने बच्ची को गाड़ी में बिठाकर उससे पूछताछ की और फिर उसे लेकर उसके नाना के घर पहुंचा। बच्ची के नाना ने पूरी बात बताकर उसे उसके पिता के घर ले जाने की सलाह दी।
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अपने उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बाद अखिलेश बच्ची को बाइक से लेकर खरीकोठा गांव निवासी धनंजय राजभर के घर पहुुंचा। वहां पर सारी बात बताने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया के सामने आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद बच्ची को उसके पिता की सुपुर्द कर दिया। पिता की गोद में जाते ही बेटी रो पड़ी तो पिता ने उसे सीने में भींच लिया। बेटी को पाकर पिता की आंखे भी नम हो उठीं। ऐसे में वहां मौजूद लोग भी भावुक हुए बिना नहीं रह सके।
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