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Mau News: निगरानी बंद, दो दिन में 234 क्विंटल खोवे की खपत
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नगर में एक मिठाई की दुकान से गुझिया और मिष्ठान की खरीदारी करते लोग।संवाद
मऊ। होली की छुट्टी के कारण मिलावटखोरों की निगरानी बंद हो गई। इसके चलते मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। व्यापार मंडल के अनुसार 01 और 02 फरवरी को जिलेभर में गाजीपुर और वाराणसी से आने वाले 234 क्विंटल खोवे की खपत हुई है। बाजार में मिलावटी, मानक पर फेल तेल और मावा की खपत बढ़ गई है। बीते दिनों में विभाग की ओर से भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट आने पर इसकी पुष्टि भी हुई थी।
10 दिन पहले घोसी तहसील के थानीदास में प्राइवेट बस से उतर रहा 1.80 क्विंटल मिलावटी खोवा और 26 फरवरी को मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में आजमगढ़ जा रहा 1.50 क्विंटल खोवा जब्त किया गया था। अमिला बाजार से 15 किलो सड़ा हुआ खोवा नष्ट कराया गया था। 19 फरवरी से 28 फरवरी तक खोवा, कचरी, गुजिया, नमकीन और तेल के 22 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। दीपावली पर और उससे पहले भेजे गए दूध से बने खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में मिलावटी और अधोमानक मिले थे। ब्रांडेड मसालों और नमकीन में रंग की मिलावट की पुष्टि हुई थी। अलग अलग ब्रांड के हल्दी पाउडर में स्टार्च और चावल के आटे की पुष्टि हुई थी। पैकिंग के चार माह बाद ही तीन बड़े ब्रांड के सरसों और रिफाइंड तेल मानक के विपरीत पाए गए थे। गलत पैकिंग और अधोमानक के संदेह में 18 अक्तूबर 2025 को 5.27 लाख रुपये की 211 टिन (3163 किलोग्राम) सरसों तेल, 3.22 लाख रुपये का 140 टिन (2100 किलोग्राम) रिफाइंड राइस ब्रान सरसों एक्टिव तेल, 70 हजार रुपये का 70 गत्ता (700 किलोग्राम) रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया था। बाजार में सेहत के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थ बेचे जाने के बावजूद इस बार कार्रवाई धीमी रही।
10 माह में भेजे गए थे 439 नमूने, रिपोर्ट में 182 हुए थे फेल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी माह तक जिले की चारों तहसीलों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 1711 जगहों पर निरीक्षण किया था। 412 जगहों पर छापा मारकर 439 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। जनवरी तक 265 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई, जिनमें से 182 नमूने फेल पाए गए। सबसे अधिक 20 नमूने पैकेट वाले दूध के थे। 18 नमूने दूध से बनी मिठाइयों के फेल हुए। 10 नमूने तेल के थे जो मानक पर फेल थे। इसके अलावा दो नमूने पानी, लड्डू के तीन, नमक का एक नमूना फेल हुआ और केक के दो नमूने फेल हुए।
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होली पर्व पर खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के अधिकारियों को क्षेत्र में निगरानी करनी है। ऐसा नहीं करना नियम विरुद्ध है। 28 फरवरी से तीन मार्च तक कितनी जगहों पर छापा मारा गया, क्या कार्रवाई की गई, इसका विवरण मांगा जाएगा। - प्रवीण मिश्रा, डीएम।
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10 दिन पहले घोसी तहसील के थानीदास में प्राइवेट बस से उतर रहा 1.80 क्विंटल मिलावटी खोवा और 26 फरवरी को मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा में आजमगढ़ जा रहा 1.50 क्विंटल खोवा जब्त किया गया था। अमिला बाजार से 15 किलो सड़ा हुआ खोवा नष्ट कराया गया था। 19 फरवरी से 28 फरवरी तक खोवा, कचरी, गुजिया, नमकीन और तेल के 22 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। दीपावली पर और उससे पहले भेजे गए दूध से बने खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में मिलावटी और अधोमानक मिले थे। ब्रांडेड मसालों और नमकीन में रंग की मिलावट की पुष्टि हुई थी। अलग अलग ब्रांड के हल्दी पाउडर में स्टार्च और चावल के आटे की पुष्टि हुई थी। पैकिंग के चार माह बाद ही तीन बड़े ब्रांड के सरसों और रिफाइंड तेल मानक के विपरीत पाए गए थे। गलत पैकिंग और अधोमानक के संदेह में 18 अक्तूबर 2025 को 5.27 लाख रुपये की 211 टिन (3163 किलोग्राम) सरसों तेल, 3.22 लाख रुपये का 140 टिन (2100 किलोग्राम) रिफाइंड राइस ब्रान सरसों एक्टिव तेल, 70 हजार रुपये का 70 गत्ता (700 किलोग्राम) रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया था। बाजार में सेहत के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थ बेचे जाने के बावजूद इस बार कार्रवाई धीमी रही।
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10 माह में भेजे गए थे 439 नमूने, रिपोर्ट में 182 हुए थे फेल
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी माह तक जिले की चारों तहसीलों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 1711 जगहों पर निरीक्षण किया था। 412 जगहों पर छापा मारकर 439 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। जनवरी तक 265 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई, जिनमें से 182 नमूने फेल पाए गए। सबसे अधिक 20 नमूने पैकेट वाले दूध के थे। 18 नमूने दूध से बनी मिठाइयों के फेल हुए। 10 नमूने तेल के थे जो मानक पर फेल थे। इसके अलावा दो नमूने पानी, लड्डू के तीन, नमक का एक नमूना फेल हुआ और केक के दो नमूने फेल हुए।
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होली पर्व पर खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के अधिकारियों को क्षेत्र में निगरानी करनी है। ऐसा नहीं करना नियम विरुद्ध है। 28 फरवरी से तीन मार्च तक कितनी जगहों पर छापा मारा गया, क्या कार्रवाई की गई, इसका विवरण मांगा जाएगा। - प्रवीण मिश्रा, डीएम।