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गेहूं क्रय केंद्रों पर रही दुर्व्यवस्था

Tue, 19 Jun 2018 12:36 AM IST
mau
mau Updated Tue, 19 Jun 2018 12:36 AM IST
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Mismanagement of wheat procurement centers
गेहूं क्रय केंद्र
 जिले के अधिकांश क्रय केंद्रों पर बदइंतजामी के चलते किसान परेशान रहे। खरीदे गए गेहूं का सही ढंग से उठान न होने के चलते अधिकांश क्रय केंद्रों पर कई बार गेहूं खरीद बंद भी करनी पड़ी। आंकड़ों में विभाग ने लक्ष्य 37300 एमटी के सापेक्ष 12182 किसानों से  52398 एमटी खरीद किया है। क्रय केंद्र प्रभारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से किसानों को अपनी फसल कम कीमत पर बेचने को विवश होना पड़ा।
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अनियमितता के मामले में तीन क्रय केंद्र  प्रभारियों तथा छह पंजीकृत व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि क्रय केंद्रों पर आने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा गया।   सानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए शासन की तरफ से जिले में 61 क्रय केंद्र खोले गए थे। गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक चली। प्रशासन की तरफ से क्रय केंद्रों पर खरीद किए गए गेहूं का समय से  उठान न होने के चलते वह डंप हो जा रहा था।
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अधिकांश क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा गेहूं बेचने जा रहे किसानों का बैरंग लौटा गया। इसके चलते आर्थिक तंगी से परेशान किसानों को फसल को कम कीमत पर बेचना पड़ा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी दिनेश कुमार तिवारी का कहना है कि क्रय केंद्रों पर                  आने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा गया।
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आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो 15 जून तक 37300 एमटी के सापेक्ष12182 किसानों से 52398 एमटी खरीद की गई। विभाग की तरफ से खरीद में अनियमितता बरते पाए जाने पर क्रय केंद्र अलीनगर, अईलख इमिलिया, गजियापुर तीन क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति की गई है। वहीं, एक राइस मिलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

साथ ही  कम कीमत पर गेहूं खरीदने पर छह पंजीकृत  व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मंडी समिति को संस्तुति की गई है।  इस संबंध में रतनपुरा क्षेत्र के शंभूनाथ शर्मा, रविंद्र यादव, पिपरीडीह क्षेत्र के श्रीकांत प्रसाद, शिवनारायन सिंह आदि किसानों का कहना था कि क्रय केंद्र प्रभारियों के असहयोगात्मक रवैए के चलते गेेहूं को आढ़तियों को कीमत पर बेचने  के लिए आधिकांश किसानों को विवश होना पड़ा।
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