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हड़ताल पर रहे दवा प्रतिनिधि, प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो मऊ।
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:50 PM IST
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उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन के तत्वावधान में जिले के समस्त दवा प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर बुधवार को हड़ताल पर रहे। साथ ही सहादतपुरा में प्रदर्शन किया।
इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य पीयूष उपाध्याय ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग में अमेरिकी हस्तक्षेप को बंद किया जाए। यूएसडीए के सभी कार्यालयों को बंद करने के साथ ही भारतीय दवा उद्योग की ओर से शत प्रतिशत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के निर्णय को वापस लिया जाए। दवाओं की आनलाइन बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए। जीवनरक्षक दवाओं पर उत्पाद शुल्क व टैक्स भी कम करना चाहिए। कहा कि एसपीई एक्ट के अनुसार दवा कंपनियां फार्म ए में नियुक्ति पत्र नहीं देती है जिससे दवा प्रतिनिधियों का शोषण होता है। इसलिए राज्य व केंद्र सरकार की ओर से सेल्स प्रमोशन इंपलाइज एक्ट का पालन शत प्रतिशत किया जाए। इसी क्रम में रमन पांडेय ने कहा कि दवा प्रतिनिधियों का न्यूनतम 15हजार रुपया घोषित किया जाए। दवा प्रतिनिधियों को सरकारी व निजी संस्थानों में काम करने पर प्रतिबंध को हटाया जाए। आठ घंटे काम के अधिकार को लागू किया जाए। इस अवसर पर चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, विनय, उमेश यादव, विजय तिवारी, राजकुमार पाल, आदित्य गुप्ता, पंकज, विनय प्रसाद आदि थे।
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इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य पीयूष उपाध्याय ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग में अमेरिकी हस्तक्षेप को बंद किया जाए। यूएसडीए के सभी कार्यालयों को बंद करने के साथ ही भारतीय दवा उद्योग की ओर से शत प्रतिशत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के निर्णय को वापस लिया जाए। दवाओं की आनलाइन बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए। जीवनरक्षक दवाओं पर उत्पाद शुल्क व टैक्स भी कम करना चाहिए। कहा कि एसपीई एक्ट के अनुसार दवा कंपनियां फार्म ए में नियुक्ति पत्र नहीं देती है जिससे दवा प्रतिनिधियों का शोषण होता है। इसलिए राज्य व केंद्र सरकार की ओर से सेल्स प्रमोशन इंपलाइज एक्ट का पालन शत प्रतिशत किया जाए। इसी क्रम में रमन पांडेय ने कहा कि दवा प्रतिनिधियों का न्यूनतम 15हजार रुपया घोषित किया जाए। दवा प्रतिनिधियों को सरकारी व निजी संस्थानों में काम करने पर प्रतिबंध को हटाया जाए। आठ घंटे काम के अधिकार को लागू किया जाए। इस अवसर पर चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, विनय, उमेश यादव, विजय तिवारी, राजकुमार पाल, आदित्य गुप्ता, पंकज, विनय प्रसाद आदि थे।
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