मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 को नकलविहीन संपन्न कराने की तैयारी तेज हो गई है। परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए बोर्ड की तरफ से पिछले तीन सत्र की परीक्षाओं में सामूहिक नकल कराने के आरोप में 10 परीक्षा केंद्रों को काली सूची में डाला गया है, लेकिन विभाग की तरफ से वर्ष 2019 यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल कराने में संलिप्त पाए गए पांच परीक्षा केंद्रों के खिलाफ बोर्ड को कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी,लेकिन मात्र एक को ही डिबार किया गया है। बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 93067 परीक्षार्थी शामिल होंगेे। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड के पोर्टल पर 503 विद्यालयों की सूची अपलोड किया है। नियम के तहत बोर्ड की तरफ से परीक्षा केंद्रों की आनलाइन सूची सोमवार को जारी की जानी थी। लेकिन अपराह्न बाद तक सूची जारी नहीं की जा सकी थी। वर्ष 2020 की यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 93067 परीक्षार्थी शामिल होंगेे। जबकि वर्ष 2019 में 106685 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। विभाग की तरफ से बोर्ड परीक्षा 2019 में नकल कराने में संलिप्त पाए गए रामधनी शिक्षण संस्थान इंटर कालेज रसूलपुर पलिगढ़, इंटर कालेज देवलास, योगीराज इंटर कालेज अइलख, धनवती इंटर कालेज धवरियासाथ, बालकृष्ण इंटर कालेज बखरिया सहित पांच परीक्षा केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बोर्ड को संस्तुति की गई थी। लेकिन बोर्ड की तरफ से एक मात्र रामधनी शिक्षण संस्थान इंटर कालेज रसूलपुर पलिगढ़ को ही डिबार किया जा सका है।सूत्रों की मानें तो दूसरी सूची में अन्य कालेजों के खिलाफ तलवार लटक सकती है। बोर्ड की तरफ से पिछले तीन सत्र की परीक्षाओं में सामूहिक नकल कराने के आरोप में जिले के 10 परीक्षा केंद्रों को काली सूची में डाला गया है। डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि बोर्ड की तरफ से प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों के आनलाइन सूची सोमवार की शाम जारी कर दी गई है। वेबसाइट न खुलने से परीक्षा केंद्रों के संख्या की स्थिति पता नहीं चल पा रही है। वर्ष 2019 में बोर्ड परीक्षा केंद्रों के मामले की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।