वलीदपुर। नगर पंचायत वलीदपुर के बिचलापुरा मुहल्ले में सिलिंडर गैस रिसाव के बाद हुए विस्फोट में मारे गए 17 लोगों के परिजनों को अब भूखे पेट सोने की नौबत आ गई है। प्रशासन द्वारा की गई वैकल्पिक व्यवस्था मंगलवार को बंद हो गई। पीड़ितों को भर पेट भोजन उपलब्ध कराने में प्रशासन संवदेनहीन बना हुआ है। रोज कुआं खोदकर पानी पीने की कहावत को चरितार्थ करने वाले इन परिवारों के कमाऊ सदस्य दिहाडी मजदूर हैं। परिवार के सदस्यों की मौत और घायलों का इलाज कराने में इन परिवारों की माली हालत काफी खराब हो गई। इन परिवारों के लोग अभी तक हादसे से उबर नहीं पाए हैं, इसलिए ये अभी काम पर जाने की स्थिति में नहीं हैं। हादसे के बाद एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को भोजन की व्यवस्था के लिए गांव के कोटेदार को राशन उपलब्ध कराते रहने को कहा था। हादसे के बाद टूट चुके परिवारों को एसडीएम मुहम्मदाबाद गोहना ने संगत जी मंदिर में भोजन का इंतजाम करवाया था, जो सोमवार तक चला। इसके बाद खाना बनाने का काम बंद हो गया। प्रशासनिक व्यवस्था समाप्त हो जाने की जानकारी पाकर मुहल्ले के लोगों ने इन परिवारों के भोजन की व्यवस्था की, लेकिन बुधवार से इनके लिए भोजन की व्यवस्था करना भारी लग रहा है। अधिकांश परिवारों के मुखिया घायलों के इलाज के सिलसिले में बाहर हैं। घरों में कोई कमाऊ सदस्य बचा ही नहीं है, इसलिए ये परिवार अब बेहाल हैं। पीड़ित प्रतिमा पत्नी स्वर्गीय सुरेंद्र , रीता पत्नी स्वर्गीय छोटू विश्वकर्मा आदि का कहना है कि परिवार में कमाई करने वाले मुखिया अब नहीं बचे हैं। जिला प्रशासन की ओर से खाने की व्यवस्था और मुआवजा भी अब तक नहीं दिया गया है। कोटेदार ने राशन देना भी बंद कर दिया है। जिसके कारण घर में अब चूल्हे तक नहीं जल पा रहे हैं। लिहाजा, पीड़ितों का इलाज कराना भी अब मुश्किल हो रहा है। इस बाबत एसडीएम मुहम्मदाबाद गोहना निरंकार सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवारों को नगर पंचायत के कोटेदारों द्वारा राशन देने के लिए कहा गया था अगर खाना बंद है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है, पता करके फिर से पीड़ित परिवारों को भोजन की व्यवस्था खाना चालू करा दिया जाएगा।