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पीएमएमवीवाई योजना में मऊ जिला मंडल में बना अव्वल
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मऊ। जिले की 43 हजार से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से जोड़ा जा चुका है। योजना में पंजीकृत होने के बाद इन लाभार्थियों को विभाग द्वारा 17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके चलते मऊ जिला आजमगढ़ मंडल में पहले स्थान पर बना हुआ है।
सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का शुभारंभ जनवरी 2017 में किया गया था। इसके तहत गर्भवती महिला तथा उसके गर्भस्थ शिशु को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की व्यस्था की जाती है। अब तक इस योजना से 43,961 महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है।
योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली गर्भवती के खाते में तीन किस्तों में 5,000 रुपये दिए जाते हैं। बोले कि बीते 21 नवंबर 2020 तक 44,974 लाभार्थियों के सापेक्ष 43,961 पात्र लाभार्थियों के खातेमें 17.39 करोड़ रुपये भेजा जा चुका है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि अन्य जिलों से बेहतर योजना का क्रियान्वयन करने के लिए जिला 95.66 प्रतिशत विकास के कारण पहली पायदान पर है। जबकि आजमगढ़ में लक्ष्य 94067 के सापेक्ष 73392 (78.02%) और बलिया में लक्ष्य 66051 के सापेक्ष 60416 (91.47%) लाभार्थियों को लाभ दिया गया है।
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तीन किस्तों में मिलती है राशि
मऊ। योजना के तहत पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूपमें 1,000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं।
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सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का शुभारंभ जनवरी 2017 में किया गया था। इसके तहत गर्भवती महिला तथा उसके गर्भस्थ शिशु को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की व्यस्था की जाती है। अब तक इस योजना से 43,961 महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है।
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योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली गर्भवती के खाते में तीन किस्तों में 5,000 रुपये दिए जाते हैं। बोले कि बीते 21 नवंबर 2020 तक 44,974 लाभार्थियों के सापेक्ष 43,961 पात्र लाभार्थियों के खातेमें 17.39 करोड़ रुपये भेजा जा चुका है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि अन्य जिलों से बेहतर योजना का क्रियान्वयन करने के लिए जिला 95.66 प्रतिशत विकास के कारण पहली पायदान पर है। जबकि आजमगढ़ में लक्ष्य 94067 के सापेक्ष 73392 (78.02%) और बलिया में लक्ष्य 66051 के सापेक्ष 60416 (91.47%) लाभार्थियों को लाभ दिया गया है।
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तीन किस्तों में मिलती है राशि
मऊ। योजना के तहत पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूपमें 1,000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं।