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मऊः पांच वर्ष में लापता हुए 191 लोग, 186 लौटे

Sat, 13 Mar 2021 10:07 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 10:07 PM IST
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Mau: 191 people missing in five years, 186 returned
मऊ। जनपद में पिछले पांच वर्ष में 191 लोग लापता हुए जिनमें 186 लोगों का पता लगाकर पुलिस ने उनके परिवार वालों को सौंप दिया लेकिन अब भी पांच लोग ऐसे हैं जिनका पता नहीं चल सका है।
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इसके अलावा इससे पूर्व के ऐसे कई लोग हैं जिनका पता सालों बाद अब तक नहीं चल सका है। कई ऐसे लोग भी जिनके घर वालों ने पुलिस को परिजनों के गायब होने की तहरीर ही नही दी है।
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पुलिस अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में 35 लोगों अपने घरों से गायब हुए थे।इनके परिवार वालों ने गुमशुदगी लिखाई थी। पुलिस ने इन सभी लोगों खोज निकाला। इसी प्रकारवर्ष 2017 में 41 लोग गायब हुए थे तथा 2018 में 39 लोग गायब लापता हो गए थे। इन सबकापता पुलिस ने लगाकर उनके घर वालों को सौंप दिया लेकिन वर्ष 2019 में 41 लोग लापता हो गए। इनमें से 38 लोगों का पता चल गया लेकिन तीन लोग अब भी लापता हैं। इसी प्रकार वर्ष 2020 में 35 लोगों की गुमशुदगी पुलिस रेकार्ड में दर्ज की गई,इनमें से 33 लोगों का पता लगाकर पुलिस ने उनके परिवार वालों को सौंप दिया। लेकिन दो लोग अब भी लापता हैं।पुलिसअधीक्षक सुशील घुले कहते हैं कि सर्विलांस, सोशल मीडिया सहित सभी माध्यमों से लापता लोगों की तलाश की जाती है। दो सालों में सिर्फ पांच लोगों का पता नहीं लग पाया है।उनकी तलाश जारी है।
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शहर के नोमान का 11 साल बाद भी नहीं चल सका पता
मऊ। शहर के बड़े साड़ी व्यवसायी प्रेमाराय पुरा मुहल्ला निवासी स्व. मुर्तजा सेठ का पौत्र नोमान (13 वर्ष ) साल 2001 में अपने घर से मुहल्ले में ही स्थित अपनी नानी के घर के लिए निकला। लेकिन वह न तो अपनी नानी के घर पहुंचा और न ही अपने घर वापस लौटा। पुलिस से लेकर सीआईडी तक ने जांच की लेकिन उसकाकुछ पता नहीं चला। नोमान को याद कर उसकी मां फरहद जहां, पिता इकबाल, बड़े भाई मु. जीशान और कामरान तथा इकलौती बहन फौजिया रौनक गमगीन हो जाते हैं। ये लोग उस घडी को कोसते हैं जब वह अपनी नानी से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। उस समय वह सातवीं कक्षा का काफी होनहार छात्र था। वह नगर के प्रतिष्ठित फातिमा स्कूल में पढ़ता था।

बैजनाथ धाम के लिए निकले सरकारी स्कूल के अध्यापक के लौटने की जोह रहे बाट
मऊ। कोपागंज थाने के इंदारा पश्चिम पट्टी निवासी सरकारी स्कूल के अध्यापक नर्वदेश्वर शर्मा 55 लगभग सात साल पहले अपने घर से बैजनाथ धाम के लिए निकले थे। लेकिन वापस लौट कर घर नहीं आए। उनकी पत्नी चंदा आज भी पति के आने की बाट जोह रही हैं।उनकी चर्चा होने पर उनकी आखों से आंसू बरसने लगते हैं। नर्वदेश्वर शर्मा के दो बेटे और एक बेटी है। वैधानिक अवधि केेेेेेेेेेेेेे इंतजार में उनके बेटे को नौकरी भी नहीं मिली है। इंदारा के ही नगदू यादव 55 पुत्रस्व. राम जन्म चार साल पहले घर से लापता हो गए। घर वालों नेेे उनकी बहुत तलाश की मगर उनका पता नहीं चला। इंदारा गांव के ही मनकी पुरवा निवासी श्रीराम राजभर 35 पुत्र राजेंद्र राजभर छह महीने पहले लापता हो गये। उनकी चार साल की बेटी और पत्नी उनके घर लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अदरी निवासी रिषिराज मद्धेशिया दीवानी कचहरी में एडवोकेट हैं। उनका बेटा लड्डू (तीन वर्ष) 17 दिसंबर 2013 अपने घर से बाहर खेल रहा था। कुछ ही दूरी पर उसके चाचा की दुकान है। घर से दुकान के बीच वह लापता हो गया उसका पता नहीं चल पाया। इसी प्रकार कसारा गांव निवासी पंचालू राय भी दो साल पहले अपने घर से लापता हो गया।उसका पता नहीं चला।
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