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अष्टमी पर हुई महागौरी की पूजा
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Sun, 09 Oct 2016 11:20 PM IST
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नगर क्षेत्र में शीतला धाम पर मां के दर्शन के लिए लाइन में लगी महिलाएं।
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नवरात्र की अष्टमी को दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना की गई। नगर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में तड़के से ही मां का पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्घालुओं की भारी भीड़ लगी रही। पूरे दिन मंदिरों में गहमागहमी के बीच मां का जयकारा गूंजता रहा। इस बीच उपवास रखकर विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
नवरात्र की अष्टमी के दिन पूजी जाने वाली देवी महागौरी के बारे मेें माना जाता है कि कभी भगवान शंकर ने देवी काली पर गंगा जल छिड़का था तो महागौरी के रूप में अवतरित हो गई थीं। जिन्हें सृष्टि का आधार भी कहा जाता है। वे अक्षय सुहाग की प्रतीक देवी भी हैं। उनकी पूजा विवाहित महिलाओं को फल प्रदान करती है। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्घेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। इसमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं की रही। उन्होंने नारियल, चुनरी के साथ महागौरी का पूजन अर्चन किया। तेज धूप के बाद भी मंदिरों में मां का विधि विधान से पूजन अर्चन करने के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। अमिला संवाददाता के अनुसार शारदीय नवरात्र में सप्तमी को बाजार में स्थापित प्रतिमाओं के पट खुल गए। वहीं अष्टमी को श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में महागौरी की पूजा किया। इसके साथ ही शाम को पंडालों में मत्था टेकने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को मां कोयल मर्याद भवानी मंदिर पर भक्तों की भीड़ रही। इस दौरान मां के स्वरूप 18 कुंवारी कन्याओं को भोजना कराया गया।
नवरात्र की अष्टमी के दिन पूजी जाने वाली देवी महागौरी के बारे मेें माना जाता है कि कभी भगवान शंकर ने देवी काली पर गंगा जल छिड़का था तो महागौरी के रूप में अवतरित हो गई थीं। जिन्हें सृष्टि का आधार भी कहा जाता है। वे अक्षय सुहाग की प्रतीक देवी भी हैं। उनकी पूजा विवाहित महिलाओं को फल प्रदान करती है। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्घेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। इसमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं की रही। उन्होंने नारियल, चुनरी के साथ महागौरी का पूजन अर्चन किया। तेज धूप के बाद भी मंदिरों में मां का विधि विधान से पूजन अर्चन करने के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। अमिला संवाददाता के अनुसार शारदीय नवरात्र में सप्तमी को बाजार में स्थापित प्रतिमाओं के पट खुल गए। वहीं अष्टमी को श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में महागौरी की पूजा किया। इसके साथ ही शाम को पंडालों में मत्था टेकने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को मां कोयल मर्याद भवानी मंदिर पर भक्तों की भीड़ रही। इस दौरान मां के स्वरूप 18 कुंवारी कन्याओं को भोजना कराया गया।
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