{"_id":"5ecfe8778ebc3e90941e571b","slug":"loss-of-millions-mau-news-vns527185029","type":"story","status":"publish","title_hn":"लगातार बंदी से कारोबारियों को लाखों का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लगातार बंदी से कारोबारियों को लाखों का नुकसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ । कोरोना के चलते लगातार दो माह से अधिक समय से रेस्टोरेंट बंद चल रहे हैं। इससे कारोबारियों को लाखों का नुकसान पड़ा है। कई कारोबारियों को कर्मचारियों का भी खर्च उठाना पड़ रहा है। चौथे चरण के लाकडाउन में जिला प्रशासन की तरफ से जिले में रोस्टर के हिसाब से कुछ दुकानें तथा प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन रेस्टोरेंट कारोबार पर निर्णय न होने से कारोबारियों तथा कारोबार से जुड़े लोगों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कारोबारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर होम डिलिवरी करने की अनुमति मांगी है। नगर सहित जिले में रेस्टोरेंट, ढाबा तथा गांवों, चट्टी चौराहों पर छोटी-छोटी चाय की दुकानें हैं। लगातार चार चरण के लॉकडाउन के चलते रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। रेस्टोरेंट कारोबारियों के अनुसार कर्मचारियों को तनख्वाह, बिजली का बिल, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स आदि देना पड़ रहा है। जो कर्मचारी लॉकडाउन की वजह से फंस गए हैं, उनके खाने-रहने का भी इंतजाम करना पड़ रहा है। प्रतिमाह दो से तीन लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई कारोबारियों ने बैंक से कर्ज लेकर कारोबार शुरू किया था। उन्हें ईएमआई और ब्याज की चिंता सता रही है। चौथे लाकडाउन में जिला प्रशासन की तरफ से कुछ दुकानों तथा प्रतिष्ठानों को रोस्टर के अनुसार खोलने का आदेश दिया है, लेकिन रेस्टोरेंट, ढाबा, चाय की दुकानों के खोलने पर निर्णय ही नहीं हो सका है। कारोबारियों की मानें तो लगातार बंदी से आर्थिक स्थिति दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। कारोबार शून्य है, लेकिन बिजली, बैंक का ब्याज सहित तमाम बिल अदा करना पड़ रहा है। रेस्टोरेंट कारोबारी प्रवीन पांडेय का कहना है कि लंबे समय से रेस्टोरेंट बंद चल रहा है। कर्मचारियों का खर्च वहन करना पड़ रहा है। रोस्टर के हिसाब से सोशल डिस्टेंसिंग के तहत रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति दी जाए। ढाबा संचालक राजीव कुमार का कहना है कि लगातार चार चरण के लॉकडाउन से प्रति माह लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कर्मचारियों का खर्च उठाना पड़ रहा है। रोस्टर के हिसाब से जिस तरह से सोशल डिस्टेंसिंग से दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। उसी तरह रेस्टोरेंट खोलने के लिए अनुमति दी जाए। रेस्टोरेंट कारोबारी अनूप अग्रवाल का कहना है कि लगातार दो माह से अधिक समय से रेस्टोरेंट बंद रहने से अब आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। बैंक का कर्ज चुकाना मुश्किल होगा। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत कारोबार चालू करने की अनुमति दी जाए। रेस्टोरेंट कारोबारी आलोक खंडेलवाल का कहना है कि लगातार दो माह से अधिक समय से रेस्टोरेंट बंद चल रहा है। ऐसे में प्रतिदिन काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। होम डिलिवरी करने की अनुमति दी जाए। जिला प्रशासन की तरफ से जो भी गाइडलाइन जारी होगी उसका अनुपालन किया जाएगा। कर्मचारी अकबर का कहना है कि रेस्टोरेंट बंद रहने के चलते काम नहीं मिल पा रहा है। इससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग या होम डिलिवरी करने की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन