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Mau News: बिहार के तस्करों से जुड़े हैं शराब कारोबारियों के तार, 90 दिन में दो पर मुकदमा दर्ज

Sun, 04 May 2025 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 May 2025 11:21 PM IST
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Liquor traders are connected to smugglers of Bihar, case filed against two in 90 days
रजनीकांत पांडेय। शहर कोतवाली और हलधरपुर पुलिस ने बीते तीन माह में बिहार में तस्करी के लिए ले जाई जा रही शराब की दो खेप पकड़ी है। पकड़े गए तस्करों ने जिले के दो शराब कारोबारियों के नाम बताए हैं। पुलिस ने इन दोनों शराब कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच की तो पता चला कि इसमें तीन अन्य शराब कारोबारी भी शामिल हैं। पुलिस अब इन तीन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला आबकारी अधिकारी और डीएम को रिपोर्ट भेजी है।
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पुलिस अधीक्षक इलामारन ने बताया कि पहला मामला 29 जनवरी 2025 को सामने आया। हलधरपुर पुलिस ने पहसा चकरा मोड़ से एक पिकअप और एक बोलेरो को शराब की एक खेप के साथ पकड़ी थी। इसमें पिकअप चालक राजा कुमार, बोलेरो चालक नरेंद्र दूबे, उसमें सवार अजय जायसवाल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में तीनों ने बताया कि यह खेप देवरिया जिले के नवीन सिंह ने दिया था। जिसे चड्ढा कंपनी के मालिक के कहने पर पलिया शराब की दुकान के नाम से गोदाम से निकाला गया था। पुलिस ने तीनों तस्करों व चड्ढा कंपनी के मालिक, नवीन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। वहीं, 20 मार्च 2025 को बलिया मोड़ से ट्रक से शराब की खेप पकड़ी गई थी। पकड़े गए ट्रक चालाक अमित कुमार ने बताया कि शराब की खेप बिहार ले जा रहा था। ट्रक मालिक सुजीत जायसवाल ने उसे वेतन के अलावा अधिक रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस ने ट्रक चालक व मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कारवाई शुरू की। जांच में पता चला कि मऊ जिले के दो शराब कारोबारी के साथ बलिया जिले का भी एक शराब कारोबारी इसमें शामिल है।
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वाहनों के नीचे बने तहखाने में छिपाते हैं शराब
एसपी इलामारन ने बताया कि हलधरपुर में पकड़ी गई पिकअप में पुलिसकर्मियों को जांच में शराब नहीं मिली। पूछताछ करने पर तस्करों ने बताया कि पिकअप की बाडी के नीचे एक तहखाना बनाया गया है। जिसे दाईं तरफ उठाने पर यह खुलता है। इसे कई लोग मिलकर खोलते हैं। पुलिस को धोखा देने के लिए वाहन के आगे दूसरा नंबर प्लेट तो पीछे दूसरा नंबर प्लेट लगाया जाता है।
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वर्जन

मामला संज्ञान में है। एसपी कार्यालय से इस संबंध में भेजे गए जांच रिपोर्ट का जवाब भेजा जा चुका है। जिन पर आरोप लगा है, वह इस सत्र में अनुज्ञापी नहीं रहे हैं। कोर्ट द्वारा निर्णय लेने पर आबकारी नियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद असलम, जिला आबकारी अधिकारी मऊ
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