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Mau News: जिले में हल्की बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, दो डिग्री गिरा तापमान

Thu, 30 Oct 2025 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 12:00 AM IST
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Light drizzle in the district increased the cold, the temperature dropped by two degrees
बुधवार को नगर के गाजीपुर तिराहा पर हल्की बारिश से भीगी सड़के।ं
मऊ। मोंथा चक्रवात और पहाड़ी क्षेत्रों पर आए हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर मऊ जिले में दिखा। बुधवार की सुबह हल्की बूंदाबांदी से ठंड का असर बढ़ गया है। अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। तेज हवा से खेतों में पांच से दस प्रतिशत धान की फसलें गिर गई हैं। मौसम में आए बदलाव से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। कृषि वैज्ञानिकों ने 31 अक्तूबर तक बारिश होने की संभावना जताई है।
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मंगलवार रात से ही घने बादल छाए रहे। रात में भी बूंदाबांदी से ठंड का असर बढ़ गया। बुधवार तड़के से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। सुबह लगभग 10 बजे हल्की बूंदाबांदी होने से अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। दिनभर आसमान में बादलों का असर बना रहा। दोपहर बाद तक भगवान भास्कर के दर्शन भी नसीब नहीं हो सके। तापमान पर नजर डाली जाए तो बुधवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई। आर्द्रता 79 प्रतिशत रही। जबकि 13 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थीं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। वातावरण में नमी बढ़ने से ठंड का असर बढ़ गया है। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो तेज हवा के चलते पांच से 10 प्रतिशत धान की फसलें गिर गई है। बारिश की संभावना से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। इस संबंध मेें किसान जयनाथ यादव, जितेंद्र पांडेय, श्रीकृ़ष्ण प्रसाद, रामनाथ यादव का कहना था कि खराब मौसम के चलते धान की कटाई और रबी फसल की बुआई कार्य ठप है। तेज बारिश होती है तो नुकसान होना तय लग रहा है।
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कोट
मोंथा चक्रवात के कारण 31 अक्तूबर तक ऐसे ही मौसम बना रहेगा। बारिश की संभावना है। हवा के साथ बारिश होने की स्थिति में सभी फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान कट चुकी धान की फसल को छायादार स्थान पर रख लें। अनाज को तिरपाल से ढककर रखें। सब्जी और रबी फसलों में सिंचाई बिल्कुल न करें। पशुओं को भी पशु घर में बांधे। सर्दी का प्रभाव उन पर न हो।
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डॉ. विनय कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक,कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी
इनसेट
दो दिनों से हो बूंदाबांदी, किसानों की बढ़ी धड़कनें
रामपुर बेलौली। मधुबन में दोनों दिनों से हो रही बूंदाबांदी से क्षेत्र के किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बदलते मौसम को देखते हुए किसान धान सहित अन्य फसल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र के किसान रामप्रसाद मौर्या, रामाशंकर शर्मा, राजू शर्मा, जनार्दन सिंह, रामप्रताप यादव, प्रेमभूषण पांडेय का कहना था कि अक्तूबर के शुरुआत में हुई बारिश के चलते धान फसल के नुकसान हुआ था। किसान नुकसान से उबर भी नहीं पाएं थे कि दोनों दिनों से रुक रुक कर हो रही हवा के साथ हो रही बूंदाबांदी से धान की फसल पर असर पड़ सकता है। आलू, मसूर, सरसों की बुआई नहीं हो पा रही है।
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