फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Leaders of farmer organizations demonstrated against the agricultural law

कृषि कानून के विरोध में किसान संगठनों के नेताओं ने किया प्रदर्शन

Mon, 18 Oct 2021 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 11:21 PM IST
विज्ञापन
Leaders of farmer organizations demonstrated against the agricultural law
किसान संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर मऊ जंक्शन के बाहर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को किसान संगठनों के विभिन्न नेताओं तथा वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। किसानों के आंदोलन के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि काफी समय से देश का किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग कर रहा है। लेकिन, सरकार है कि किसानों से वार्ता को ही तैयार नहीं है और न ही किसान विरोधी कानूनों को वापस ले रही है। सरकार द्वारा औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए ही कृषि कानून बनाया है। लखीपुर खीरी में हुई घटना की जितनी निंदा की जाए कम ही है। किसान किसी से डरने वाले नहीं हैं। हम तब तक लड़ते रहेंगे जब तक केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र इस्तीफा नहीं देते, देश का अन्नदाता हार मानने वाला नहीं हैं। इसके अलावा जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि कृषि के तीन काला कानून के कारण आज देश में मंहगाई चरम पर है। तीनों काले कानून को सरकार वापस ले। केंद्र व राज्य सरकार सभी मोर्चे पर विफल है। कहा कि केंद्र सरकार कानून वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। किसानों के रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर जीआरपी, आरपीएफ सहित पुलिस विभाग के आला अधिकारी सतर्क रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed