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कोविड संक्रमण ने मासूमों के सिर से छीना पिता का सहारा
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मऊ के मधुबन में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जिले के कई परिवारों के न भूलने वाला दर्द दिया है। कई परिवार के मुखिया इस संक्रमण की जद में आकर चल बसे। संक्रमण की इस मार का सबसे ज्यादा परेशानी उन बच्चों के सामने आ खड़ी हुई है, जिनके सिर से पिता का साया छिन गया है तो कोई मां के आंचल से वंचित हो गया। हालांकि सरकार ने ऐसे बच्चों की मदद करने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है। अपने माता-पिता को खोने का दर्द की भरपाई कोई मदद नहीं कर पाएगी, लेकिन शासन की मदद से इन बच्चों को भविष्य उज्जवल होने के साथ आर्थिक समस्या से निपटने के लिए उन्हें काफी हद तक राहत मिलेगी।
ऐसे ही शासन की मदद की दरकार मधुबन नगर पंचायत के एक वार्ड निवासी 32 वर्षीय दिवंगत युवक की दो मासूम तीन तथा पांच वर्षीय बेटी के अलावा 29 वर्षीय पत्नी को है। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले युवा मजदूर संक्रमण की दूसरी लहर में बीते 9 मई को संक्रमित हो गया था। सांस लेने में दिक्कत होने उसे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। पत्नी की माने तो सिटी स्कैन की जांच रिपोर्ट में उसके पति के फेफड़े में संक्रमण होना पाया गया। इसके बाद परिजन उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जवाब दे दिया था। मायूस परिजन उसे घर लाकर इलाज करा रहे थे, जहां उसकी इलाज के दौरान 19 मई मौत हो गई। मौत के बाद जहां उसके परिवार के सामने आर्थिक समस्या आ खड़ी हुई है। वहीं उसके दोनों मासूम बेटियों का भविष्य भी अंधेरे में जाता दिख रहा है। युवा अपने परिवार के साथ अपने माता-पिता का सहारा था।
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ऐसे ही शासन की मदद की दरकार मधुबन नगर पंचायत के एक वार्ड निवासी 32 वर्षीय दिवंगत युवक की दो मासूम तीन तथा पांच वर्षीय बेटी के अलावा 29 वर्षीय पत्नी को है। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले युवा मजदूर संक्रमण की दूसरी लहर में बीते 9 मई को संक्रमित हो गया था। सांस लेने में दिक्कत होने उसे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। पत्नी की माने तो सिटी स्कैन की जांच रिपोर्ट में उसके पति के फेफड़े में संक्रमण होना पाया गया। इसके बाद परिजन उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जवाब दे दिया था। मायूस परिजन उसे घर लाकर इलाज करा रहे थे, जहां उसकी इलाज के दौरान 19 मई मौत हो गई। मौत के बाद जहां उसके परिवार के सामने आर्थिक समस्या आ खड़ी हुई है। वहीं उसके दोनों मासूम बेटियों का भविष्य भी अंधेरे में जाता दिख रहा है। युवा अपने परिवार के साथ अपने माता-पिता का सहारा था।
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