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रविदास के आदर्शों काे करें आत्मसात

Fri, 10 Feb 2017 11:59 PM IST
mau
mau Updated Fri, 10 Feb 2017 11:59 PM IST
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Kae Ravidas the ideals of assimilation
संत रविदास की शोभायात्रा। - फोटो : mau
जिले के विभिन्न स्थानों पर शुक्रवार को अनुयायियों द्वारा संत शिरोमणि रविदास जयंती मनाई गई। इस अवसर जिला मुख्यालय पर नव जागरण अंबेडकर समिति भीटी की ओर से संत रविदास शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर बाईपास से होते हुए गालिबपुर बाल निकेतन, नगर के भीतरी मुहल्लों से होकर मुंशीपुरा पहुंचा। उधर, रतनपुरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में संत रविदास जयंती बड़ी ही धूमधाम से मनाई गई।
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 मेउ़डी कला, इटैली, रतनपुरा, गाढा, सिधवल, इसहाकपुर, गुलौरी दतौडा लशरा पीपरसाथ सहित दर्जनभर गांवों में संत रविदास को मानने वालों ने भक्तिभाव और विश्वास के साथ जयंती मनाई। मेउड़ी कला स्थित रविदास मंदिर पर नव युवक मंगल दल द्वारा संत रविदास से जुड़ी झांकियां सजाई गई। गाढा स्थित मंदिर पर और इटैली में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए  ।
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 पूर्व विधायक मन्नू राम ने कहा कि हम भारतीवासी सदैव संत महात्माओं , ज्ञानियों तथा विद्वानों का सम्मान करते रहे हैं। चाहे वे संत कबीर, तुलसीदास, सूरदास या रविदास जी क्यों न हों, इन  महात्माओं के दिलों के अंदर न कोई जाति न कोई धर्म होता था। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि हम सभी को उनके बताए हुए रास्ते को आत्मसात करना चाहिए। अरविंद राम, संजय कुमार, तेरसू राम,  अशोक, संतोष, राजकुमार आदि मौजूद रहे। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार संत रविदास जयंती के अवसर पर परदहा विकस खंड के पिपरीडीह, रैकवारेडीह, भार ,पतिला, बबुआपुर, ओन्हाईच, इटौरा, कहिनौर आदि गांवों में रविदास मनाई गई ।संत रविदास के भक्तों ने गाजेबाजे के साथ जुलूस निकाला। रैकवारेडीह संत रविदास मंदिर में हवन पूजन के साथ सभा का आयोजन कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। रैकवारेडीह रविदास मंदिर से निकला जुलूस भार, पिपरीडीह, हांसपुर होते हुए समाधि स्थल पर पहुंचा।
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उधर, कोपागंज स्थित ओम भवन में शुक्रवार को रविदास जयंती के अवसर पर गोष्ठी आयोजित हुई। एडवोकेट अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि यह शरीर मंदिर के समान है। हमें संत रविदास के समान मन, वाणी से शुद्घ होकर भगवान बुद्घ की तरह महान बनने की आवश्यकता है। इस संसार को सदैव सुंदर बनाने का प्रयास करना चाहिए। ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि संत रविदास ने कर्म से महान बनने की प्रेरणा दी। श्रीकृष्ण गुप्ता, सरोज चौरसिया, रामायन, अखिलेश गुप्ता, संतोष पांडेय, अरुण मिश्रा, सुरेश मिश्रा आदि रहे।
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