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कटे होंठ और तालू वाले बच्चों की पहचान कर किया जा रहा इलाज
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मऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात दोष, डिफिसियेंसी, बाल रोग आदि को समय पर पहचानकर उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उनका जिला अस्पताल में निशुल्क इलाज कराया जा रहा है। जन्मजात कटे होठ के बच्चे का आपरेशन चार माह पूर्ण करने के बाद किया जा रहा है। वहीं कटे तालू वाले बच्चों का आपरेशन नौ माह पूर्ण होने के उपरांत किया जा रहा है। आपरेशन का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है। अब तक जिले में आरबीएसके की तरफ से 52 से अधिक बच्चों का कटे होठ एवं कटे तालू का सरकार के खर्चे पर इलाज कराया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. श्याम नारायण दूबे ने कहा कि जिस भी परिवार में ऐसे बच्चे हैं वह उनके इलाज के लिए अपने गांव के आशा या आंगनबाड़ी कार्यकता से संपर्क कर या सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या आरबीएसके टीम से संपर्क कर सकते हैं। चिकित्सकों की माने तो जन्मजात होने वाली यह बीमारी काफी बच्चों में होती है। सही समय पर इसका इलाज न किए जाने पर इसका इलाज काफी मुश्किल हो जाता है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. श्याम नारायण दूबे ने कहा कि जिस भी परिवार में ऐसे बच्चे हैं वह उनके इलाज के लिए अपने गांव के आशा या आंगनबाड़ी कार्यकता से संपर्क कर या सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या आरबीएसके टीम से संपर्क कर सकते हैं। चिकित्सकों की माने तो जन्मजात होने वाली यह बीमारी काफी बच्चों में होती है। सही समय पर इसका इलाज न किए जाने पर इसका इलाज काफी मुश्किल हो जाता है।
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