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दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को आजीवन कारावास
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक रामराज ने दहेज हत्या के मामले में नामजद पति सहित तीन आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दोषी दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतेंगे। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार, दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अतरसावा गांव निवासी जलालुद्दीन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी भतीजी हसरूनिशा को दहेज के लिए उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि 22 जनवरी 2018 को दहेज के लिए आरोपीगणों ने हसरूनिशा को जहर देकर मार डाला।
वादी की तहरीर पर पुलिस ने मधुबन थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव निवासी पति सगीर पुत्र वारूद उर्फ एतवारूल, ससुर वारुल उर्फ एतवारूल पुत्र हिना तथा सास सहिना पत्नी वारूल उर्फ एतवारूल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी राजेश कुमार पांडेय ने आठ गवाह पेश किए।
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एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सगीर, वारूल उर्फ एतवारूल और सहिना को हत्या का दोषी पाया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
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मामले के अनुसार, दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अतरसावा गांव निवासी जलालुद्दीन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी भतीजी हसरूनिशा को दहेज के लिए उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि 22 जनवरी 2018 को दहेज के लिए आरोपीगणों ने हसरूनिशा को जहर देकर मार डाला।
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वादी की तहरीर पर पुलिस ने मधुबन थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव निवासी पति सगीर पुत्र वारूद उर्फ एतवारूल, ससुर वारुल उर्फ एतवारूल पुत्र हिना तथा सास सहिना पत्नी वारूल उर्फ एतवारूल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी राजेश कुमार पांडेय ने आठ गवाह पेश किए।
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एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सगीर, वारूल उर्फ एतवारूल और सहिना को हत्या का दोषी पाया और सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया।