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खूब बरसे मेघ, गर्मी से राहत, जलजमाव से सांसत

Thu, 21 Jul 2022 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 11:00 PM IST
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Heavy rain, relief from heat, breathless due to water logging
बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश के बीच रतनपुरा में खेतों में धान की रोपाई करते ग्रामीण।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। आखिरकार रूठे बादल मान गए और बृहस्पतिवार को झमाझम बरस पड़े। बारिश ने लोगों को गर्मी से जहां राहत दी तो वहीं नगर के हर मुहल्ले, गली में जलनिकासी न होने से सड़क पर पानी भर गया। यही हाल सरकारी कार्यालयों का भी रहा। उधर, बरसात खेती के लिए संजीवनी भी बन गई। किसान उत्साहित होते हुए खेतों में धान की रोपाई में जुट गए। ऐसे में नगर पालिका के बरसात के पूर्व की गई नालों की सफाई का दावा खोखला निकला। बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे से हुई बारिश से नगर के निजामुद्दीनपुरा, भीटी, मुसरदह मोड़, डोमनपुरा, मठियाटोला, दक्षिणटोला महरनिया, हरिकेशपुरा, सहादतपुरा, मुंशीपुुरा में पांच घंटे की मूसलाधार बारिश से कई घरों में पानी घुस गया। जबकि जिला अस्पताल परिसर, बिजली विभाग कार्यालय परिसर और मुंशीपुरा पशु हास्पिटल कालोनी के कैंपस में खासा जलभराव हो गया। घरों में घुसे पानी को निकालने के लिए लोग जुटे रहे। कई खाली प्लाटों में भी पानी घुस गया। यह स्थिति तब है जब नगर पालिका द्वारा पूरे नाले की सफाई व्यवस्था कराने का दावा किया गया है। मौसम विभाग की माने तो बृहस्पतिवार को 11.50 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। उधर, बारिश से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। खेतों में लगी धान की नर्सरी जो सूखने की कगार पर पहुंच चुकी थी उसे संजीवनी मिल गई। बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए। किसान खुशी-खुशी धान की रोपाई में जुट गए। पिपरीडीह के किसान उमाशंकर, रतनपुरा के महेश, दुबारी के रामकेवल ने कहा कि बारिश ने किसानों की परेशानी एक हद तक दूर कर दी। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि तेज धूप तथा गरमी से धान की नर्सरी तथा रोपे गए धान की फसल में रोग लग रहा था। बारिश के बाद समस्या से निजात मिलेगी। धान की रोपाई में तेजी आ जाएगी। बताया कि धान की बुआई के लक्ष्य 88585 हेक्टेयर के मुकाबले 28 हजार हेक्टेयर रोपाई हो चुकी है। बारिश से परिषदीय स्कूलों के कैंपस पानी से लबालब हो गए। रामघाट स्थित मंदिर में संचालित प्राथमिक विद्यालय बक्शीपुरा में बारिश शुरू होने के साथ जर्जर बरामदे में बैठे बच्चों को मंदिर में शरण लेनी पड़ी। सपोर्टिग सुपरविजन के लिए पहुंचे एआरपी नगर चंद्रधर राय ने स्कूल का जायजा लिया। प्रधानाध्यापिका शशि देवी ने बताया कि स्थाई निर्माण पर मंदिर समिति ने रोक लगाई है। जिससे बच्चों को बरसात में परेशानी उठानी पड़ रही है। यही स्थिति सहादतपुरा, रामपुर चकिया, शिक्षा विभाग कालोनी, खेदूपुरा, भदेसर प्राथमिक विद्यालयों की हो गयी। जहां कैंपस के साथ साथ कक्षाओं में पानी भर गया। जिससे पढ़ाई बाधित हुई। बारिश के दौरान स्कूलों की छुट्टी हुई तो बच्चे भीगते हुए घर गए। कई के अभिभावक छाता लेकर आए थे तो कई के रेनकोट। लेकिन जिनके पास दोनों नहीं थे वह बच्चे बारिश में भीगते हुए घर गए।

नगर के आर्य समाज के पास झमाझम बारिश के बीच जाते लोग।संवाद

नगर के आर्य समाज के पास झमाझम बारिश के बीच जाते लोग।संवाद- फोटो : MAU

प्राथमिक स्कूल भदेसरा परिसर में बारिश के बाद हुआ जलजमाव।संवाद

प्राथमिक स्कूल भदेसरा परिसर में बारिश के बाद हुआ जलजमाव।संवाद- फोटो : MAU

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