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अच्छे दिन के नारे पर भारी पड़ा आम बजट
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 28 Feb 2015 11:25 PM IST
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अच्छे दिन आने वाले हैं का नारा देकर केंद्र में आई भाजपा की मोदी सरकार अपने ही नारों पर उलझती जा रही है। आम बजट में कोई खास राहत न मिलने पर शनिवार को हर चट्टी और हर चौराहे से लेकर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, सरकारी कार्यालयों में चर्चाओं का बाजार रहा।
चर्चा ए आम यह है कि लो भईया अब आ गए अच्छे दिन..। इस पर जहां महंगे सामानों को लेकर इस नारे के माध्यम से केंद्र सरकार को साध रहे थे तो वहीं भाजपा के लोग सस्ते हुए सामान एवं राहत को बताने में अपना खून पसीना बहाते रहे।
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आम बजट को लेकर शनिवार के दिन वाकई हर कोई हतप्रभ था। एक तरफ जहां लोगों को आम बजट से काफी उम्मीदें झलक रही थी वहीं विपक्षी पहले से ही प्रचार करने में जुटे थे कि यह बजट काफी निराशा साबित होगा।
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टीवी पर जैसे ही आम बजट का प्रसारण वित्तमंत्री ने करना शुरू किया लोगों की निराशा बढ़ती गई। अंतत: दवाएं, इंश्योरेंस, होमलोन, मोबाईल, ब्यूटी पार्लर एवं सौंदर्य प्रसाधन के सामानों में महंगाई के साथ ही इनकमटैक्स के स्लेब में कोई राहत न मिलने पर लोगों में अच्छे दिनों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया रही।
जब कि भाजपा के लोग हेल्थ इंश्योरेंस में छूट, अटल पेंशन योजना, जनधन योजना, सोने को बैंकों में रखने एवं उस पर ब्याज देने के सरकार के फैसले को लेकर उत्साहित नजर आए लेकिन आम आदमी की प्रतिक्रिया पर वह भी चुप रहने में ही अपनी भलाई समझे। इस संबंध में जिलाध्यक्ष भाजपा विजय नरायन शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार का आम बजट महंगाई बढ़ाने वाला नहीं बल्कि को देश को विकास के रास्ते पर ले जाने वाला बजट है। सरकार ने कई योजनाओं के लिए बजट देकर आर्थिक विकास का माडल पेश किया है।
कहा कि केंद्र सरकार की महज नौ महीने में ही समीक्षा करना गलत है।