{"_id":"60cf88a28ebc3e6efa6d432e","slug":"get-treatment-done-in-private-hospital-instead-of-government-hospital-on-sunday-mau-news-vns5959589167","type":"story","status":"publish","title_hn":"रविवार को सरकारी अस्पताल के बजाए प्राइवेट अस्पताल में कराए इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रविवार को सरकारी अस्पताल के बजाए प्राइवेट अस्पताल में कराए इलाज
विज्ञापन
मऊ। जिले में रविवार को सरकारी अस्पतालों में इलाज राम भरोसे है। दरअसल इन अस्पतालों में चिकित्सक रविवार को अपनी मर्जी से आते हैं, ऐसे में यहां भर्ती मरीज भगवान भरोसे हैं। रविवार को अमर उजाला की लाइव कवरेज के दौरान जिला महिला अस्पताल तथा दोहरीघाट सीएचसी में देखने को मिली। दोनों अस्पताल में सुबह 10 बजे तक कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला।
अमर उजाला की टीम रविवार की सुबह 11 बजे महिला जिला अस्पताल पहुंची। टीम को रविवार होने के चलते ओपीडी बंद मिला। जबकि इमरजेंसी कक्ष का दरवाजा आगे से बंद था। अमर उजाला की टीम को देख मौजूद एक कर्मचारी ने इमरजेंसी कक्ष में कुछ कर्मचारियों के होने की बात कही। जिसके बाद टीम दूूसरे रास्ते से अंदर पहुंची तो यहां तीन महिला स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिलीं। पूछने पर पता चला कि इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के तौर पर आज डॉ. माया की ड्यूटी है। लेकिन टीम को वहां डाक्टर मौजूद नहीं मिले।
कर्मचारियों ने बताया कि डाक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। इमरजेंसी होने पर फोन करने पर डाक्टर आ जाती है। कुसुम्हा संवादाता के अनुसार दोहरीघाट सीएचसी पर अमर उजाला की टीम ने सुबह 9.39 बजे पहुंची। टीम को इमरजेंसी कक्ष में कोई मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं मेडिकल ऑफिसर के कक्ष पर ताला लटका मिला। टीम 10.30 तक रही, इस दौरान कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी वहां मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की टीम रविवार की सुबह 11 बजे महिला जिला अस्पताल पहुंची। टीम को रविवार होने के चलते ओपीडी बंद मिला। जबकि इमरजेंसी कक्ष का दरवाजा आगे से बंद था। अमर उजाला की टीम को देख मौजूद एक कर्मचारी ने इमरजेंसी कक्ष में कुछ कर्मचारियों के होने की बात कही। जिसके बाद टीम दूूसरे रास्ते से अंदर पहुंची तो यहां तीन महिला स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिलीं। पूछने पर पता चला कि इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के तौर पर आज डॉ. माया की ड्यूटी है। लेकिन टीम को वहां डाक्टर मौजूद नहीं मिले।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने बताया कि डाक्टर की ड्यूटी ऑनकाल है। इमरजेंसी होने पर फोन करने पर डाक्टर आ जाती है। कुसुम्हा संवादाता के अनुसार दोहरीघाट सीएचसी पर अमर उजाला की टीम ने सुबह 9.39 बजे पहुंची। टीम को इमरजेंसी कक्ष में कोई मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं मेडिकल ऑफिसर के कक्ष पर ताला लटका मिला। टीम 10.30 तक रही, इस दौरान कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी वहां मौजूद नहीं था।
विज्ञापन