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जिला महिला चिकित्सालय में परामर्श नि:शुल्क, जांच के लिए करनी पड़ रही जेब ढीली

Sat, 12 Feb 2022 10:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 10:38 PM IST
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Free consultation in District Women's Hospital, pockets have to be loose for investigation
आधुनिक सुविधा वाले पांच मंजिला भवन में संचालित 100 बेड के जिला महिला अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाएं बदहाल है। यहां परामर्श शुल्क नि:शुल्क है, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच न होने से गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों से अधिक पैसा देकर जांच कराना पड़ रहा है। अस्पताल में लगभग दो वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट का रिक्त पद चल रहा है। प्रतिदिन लगभग 100 से ज्यादा मरीज बाहर जांच करा रहे हैं।
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जिला महिला अस्पताल में लगभग दो वर्ष से रेडियोलाजिस्ट का पद रिक्त रहने से अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटक रहा है। इससे गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पा रहा है। तत्कालीन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एसडी गौतम के हटने के बाद यहां जांच बंद है।
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रेडियोलाजिस्ट के न होने से लाखों रुपये की मशीन सालों से धूल फांक रही है। वहीं अस्पताल में सक्रिय दलाल इसका जमकर फायदा उठा रहे है। मरीज भी जांच न होने के चलते दूसरी जगह जांच कराने की परेशानी के चलते इनके झांसे में आ जा रहे हैं। शनिवार को बढ़ुुआगोदाम से आई जानकी देवी ने बताया कि पेट में दर्द होने पर उसने अस्पताल में दिखाया। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिखा। लेकिन यहां सुविधा नहीं होने पर बाहर की शरण लेनी पड़ी। सहादतपुरा निवासी मनोरमा, ब्रह्मस्थान निवासी शांति ने बताया कि महिला अस्पताल में जांच न होने पर उन्होंने बाहर जाकर 600-700 रुपये में जांच कराई। इस बाबत जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. चंदा सिन्हा का कहना था कि इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है।
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रेडियोलॉजिस्ट की अनियमित दिनचर्या से मरीज परेशान
मऊ। जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट की अनियमित दिनचर्या से मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए कई दिनों तक चक्कर लगाना पड़ रहा है। परेशान गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला अस्पताल इलाज कराने आए नरेंद्र प्रसाद, श्रीकांत वर्मा का कहना था कि रेडियोलॉजिस्ट की अनियमित दिनचर्या से अल्ट्रासाउंड के लिए कई दिनों तक चक्कर काटना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. बृज कुमार का कहना है कि जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट नियमित बैठ रहे हैं।
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