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नगरपालिका के विकास में पूर्व मंत्री लालजी टंडन का है अहम योगदान
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मऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री तथा मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का निधन मंगलवार को हो गया। उनके निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गई। जिले में उनका आगमन तो नहीं हुआ, लेकिन उत्तर प्रदेश में नगर विकास मंत्री रहने के दौरान नगरपालिका क्षेत्र के विकास में उनका अहम योगदान है। उनकी सराहना तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष ने भी की है। भाजपा के कई पदाधिकारी भी उनसे जुड़ी यादों को साझा किया।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल तथा पूर्व मंत्री लालजी टंडन का कभी जिले में आगमन तो नहीं हुआ। लेकिन भाजपा, सपा सहित अन्य लोगों को लखनऊ में मुलाकात के दौरान परिवार की तरह काफी सम्मान देते थे। नगरपालिका क्षेत्र में हुए विकास में उनका अहम योगदान है। आज भी लोग उनकी यादों को सहेजे हुए हैं।
इस संबंध में नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल ने बताया कि जब वह 2000 से 2005 तक नगरपालिका का चेयरमैन थे उस समय कुछ सालों तक लालजी टंडन नगर विकास मंत्री थे। मैं उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघ का उपाध्यक्ष था। उन्होंने नगर निकाय के विकास के लिए अनेक कार्य किए। प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को कई अधिकार और सम्मान दिया। नगरीय निकायों के अध्यक्षों और सभासदों को ट्रेंनिग के लिए अन्य प्रदेशों और देशों में प्रशिक्षण की व्यवस्था आरंभ कराया। उन्होंने नगरीय निकायों में जो सुधार किए वो देश की आजादी के बाद किसी भी सरकार के समय में नहीं हुआ। मऊ में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, कंप्यूटराइजेशन, और सरकारी भवनों को कर की परिधि में लाने की खुले मंच से सराहना करते थे।
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जिले के भाजपा नेता कई बार मेरी शिकायत करते थे मगर बाबूजी उनको समझाते थे। कहते थे कि चेयरमैन को काम करने दो। एक बार एक जमीन को लेकर डीएम मऊ और मंडलायुक्त आजमगढ़ से मेरा विवाद हो गया था। कमिश्नर ने मुझ पर केस करने का आदेश दे दिया था। बाद में ये मामला विधान परिषद पहुंचा और जांच के लिए आश्वाशन समिति का गठन हुआ। बाबूजी को जब सूचना मिली तो मामले का निस्तारण करा दिया। उनके निधन से अपूर्णनीय क्षति हुई है। इसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।इसी क्रम में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मुन्ना दुबे का कहना था कि पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन जब कल्याण सरकार में मंत्री थे। कई बार मुलाकात करने का मौका मिला। परिवार की तरह सम्मान देते थे। सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेेरित करते रहते।
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मध्यप्रदेश के राज्यपाल तथा पूर्व मंत्री लालजी टंडन का कभी जिले में आगमन तो नहीं हुआ। लेकिन भाजपा, सपा सहित अन्य लोगों को लखनऊ में मुलाकात के दौरान परिवार की तरह काफी सम्मान देते थे। नगरपालिका क्षेत्र में हुए विकास में उनका अहम योगदान है। आज भी लोग उनकी यादों को सहेजे हुए हैं।
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इस संबंध में नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन अरशद जमाल ने बताया कि जब वह 2000 से 2005 तक नगरपालिका का चेयरमैन थे उस समय कुछ सालों तक लालजी टंडन नगर विकास मंत्री थे। मैं उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघ का उपाध्यक्ष था। उन्होंने नगर निकाय के विकास के लिए अनेक कार्य किए। प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को कई अधिकार और सम्मान दिया। नगरीय निकायों के अध्यक्षों और सभासदों को ट्रेंनिग के लिए अन्य प्रदेशों और देशों में प्रशिक्षण की व्यवस्था आरंभ कराया। उन्होंने नगरीय निकायों में जो सुधार किए वो देश की आजादी के बाद किसी भी सरकार के समय में नहीं हुआ। मऊ में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, कंप्यूटराइजेशन, और सरकारी भवनों को कर की परिधि में लाने की खुले मंच से सराहना करते थे।
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जिले के भाजपा नेता कई बार मेरी शिकायत करते थे मगर बाबूजी उनको समझाते थे। कहते थे कि चेयरमैन को काम करने दो। एक बार एक जमीन को लेकर डीएम मऊ और मंडलायुक्त आजमगढ़ से मेरा विवाद हो गया था। कमिश्नर ने मुझ पर केस करने का आदेश दे दिया था। बाद में ये मामला विधान परिषद पहुंचा और जांच के लिए आश्वाशन समिति का गठन हुआ। बाबूजी को जब सूचना मिली तो मामले का निस्तारण करा दिया। उनके निधन से अपूर्णनीय क्षति हुई है। इसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।इसी क्रम में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मुन्ना दुबे का कहना था कि पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन जब कल्याण सरकार में मंत्री थे। कई बार मुलाकात करने का मौका मिला। परिवार की तरह सम्मान देते थे। सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेेरित करते रहते।