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कोपागंज ब्लाक में कम हुए गरीब!
BEARU, AMAR UJALA, MAU
Updated Tue, 10 May 2016 11:50 PM IST
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कोपागंज ब्लाक के कोपाकोहना गांव में अपनी मड़ई के बाहर बैठे गरीब दंपति।
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ब्लॉक अंतर्गत गांवों की जारी नई बीपीएल सूची में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों में अप्रत्याशित कमी आई है। अधिकांश गांवों में कई बीपीएल परिवार सूची से बाहर हो गए हैं। सर्वे में हुई लापरवाही से पात्रों को भविष्य में सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है।
कोपागंज ब्लॉक के कुल 81 ग्राम पंचायतों में पुरानी बीपीएल सूची वर्ष 2002 में कुल 11295 परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले थे। जनगणना के साथ हुए सर्वे बीपीएल सूची जो अब जारी की गई है। उसमें महज 2200 हैं।
अर्थात पूरे ब्लाक में महज 2200 परिवार ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हैं। जबकि पुराने बीपीएल सूची से तुलना की जाए तो 9095 गरीब परिवारों को इस सूची से बाहर कर दिया गया है। इन परिवारों के सामने स्थिति विषम उत्पन्न हो गई है।
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किस आधार पर 81 ग्राम पंचायतों में गरीबों को दरकिनार कर नई सूची जारी की गई है। यह लोगों के समझ से परे हैं। वहीं, ब्लाक के अधिकारी इस सूची को भारत सरकार द्वारा सूची बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। बीपीएल सूची हो जिनका नाम का वह तो परेशान हैं कि जिन लोगों ने यह उम्मीद लगाई थी कि नए सर्वे में सरकार उन्हें जरूर शामिल करेगी, उन्हें भी गहरा धक्का लगा है। गांवों में बीपीएल सूची को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है।
ब्लॉक के ग्राम सभा फिरोजपुर व जहनियापुर में जहां पुरानी लिस्ट में 54 लाभार्थी थे। वहीं, नए लिस्ट में एक एक नाम ही चढ़ा है। वहजी ग्राम पंचायत लिलारी भरौली में 23 के बजाय दो, चिस्तीपुर में 83 के बजाय मात्र 11, ख्वाजपुर में 50 की बजाय दो ही नाम सूची में शामिल हैं। ऐसे ही स्थिति लगभग सभी गाँवों की है। हर गांवों में बेतहाशा बीपीएल परिवारों में कमी आने से हर कोई नई जारी हुई बीपीएल सूची पर सवाल उठा रहा है और शासन प्रशासन को कोस रहा है।
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कोपागंज ब्लॉक के कुल 81 ग्राम पंचायतों में पुरानी बीपीएल सूची वर्ष 2002 में कुल 11295 परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले थे। जनगणना के साथ हुए सर्वे बीपीएल सूची जो अब जारी की गई है। उसमें महज 2200 हैं।
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अर्थात पूरे ब्लाक में महज 2200 परिवार ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हैं। जबकि पुराने बीपीएल सूची से तुलना की जाए तो 9095 गरीब परिवारों को इस सूची से बाहर कर दिया गया है। इन परिवारों के सामने स्थिति विषम उत्पन्न हो गई है।
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किस आधार पर 81 ग्राम पंचायतों में गरीबों को दरकिनार कर नई सूची जारी की गई है। यह लोगों के समझ से परे हैं। वहीं, ब्लाक के अधिकारी इस सूची को भारत सरकार द्वारा सूची बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। बीपीएल सूची हो जिनका नाम का वह तो परेशान हैं कि जिन लोगों ने यह उम्मीद लगाई थी कि नए सर्वे में सरकार उन्हें जरूर शामिल करेगी, उन्हें भी गहरा धक्का लगा है। गांवों में बीपीएल सूची को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है।
ब्लॉक के ग्राम सभा फिरोजपुर व जहनियापुर में जहां पुरानी लिस्ट में 54 लाभार्थी थे। वहीं, नए लिस्ट में एक एक नाम ही चढ़ा है। वहजी ग्राम पंचायत लिलारी भरौली में 23 के बजाय दो, चिस्तीपुर में 83 के बजाय मात्र 11, ख्वाजपुर में 50 की बजाय दो ही नाम सूची में शामिल हैं। ऐसे ही स्थिति लगभग सभी गाँवों की है। हर गांवों में बेतहाशा बीपीएल परिवारों में कमी आने से हर कोई नई जारी हुई बीपीएल सूची पर सवाल उठा रहा है और शासन प्रशासन को कोस रहा है।