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उत्साह के बीच उड़ी नियमों की धज्जियां
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जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, कोपागंज सीएचसी सहित दूसरे टीकाकरण केंद्रों पर बृहस्पतिवार को युवाओं की लंबी फौज टीका लगवाने पहुंची। टीकाकरण को लेकर युवाओं में उत्साह तो खूब था लेकिन नियमों के प्रति बेपरवाही भी कम नहीं थी। नतीजतन भीड़ से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ गईं। टीकाकरण कराने पहुंचे अधिकांश लोग बिना मास्क के थे। नियमों का अनुपालन कराने वाला भी कोई नहीं था। कई केंद्रों पर वैक्सीन नहीं होने के चलते लोगों को वापस भी लौटना पड़ा। हालांकि इन अव्यवस्थाओं के बीच इस दिन जिले के 16 केंद्रों पर 1652 युवाओं को टीके की पहली डोज लगाई गई।
बीते एक जून से 18 वर्ष से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। कुछ दिन पहले तक यह टीकाकरण जिले के 66 केंद्रों पर करते हुए दस हजार युवाओं का किया जा रहा था। लेकिन विगत तीन दिन से टीके का स्टॉक सीमित होने तक केंद्रों की संख्या 16 तक सिमट कर रह गई है। बृहस्पतिवार को कम टीकाकरण केंद्र होने के चलते इन पर भीड़ देखने को मिली। इन भीड़ में टीकाकरण कराने को लेकर इतना उत्साह दिख रहा था उनके द्वारा संक्रमण से मुक्त होने के लिए टीकाकरण के दौरान खुद कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं होता दिखा। जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, कोपागंज, रानीपुर, मुहम्मदाबाद गोहना आदि केंद्रों पर टीकाकरण कराने के लिए लोग उमस भरी गर्मी में सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते नहीं दिखे। वहीं रानीपुर ब्लाक के खुरहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बृहस्पतिवार को कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की उपलब्धता ना होने के कारण टीकाकरण नहीं हो सका। ऐसे में टीकाकरण कराने पहुंचे 45 वर्ष से ज्यादा के उम्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान जयराम, रामबचन ,अभिमन्यु चौहान, प्रेमचंद चौहान, धनराजी आदि का कहना वह लोग बीते मंगलवार से ही टीकाकरण कराने के लिए पहुंच रहे है। लेकिन टीकाकरण नहीं होने से उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। उधर इस बाबत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को 1652 युवाओं को टीके की डोज लगाई गई। इसमें 365 युवाओं को कोवैक्सीन जबकि 1287 को कोविडशील्ड का डोज लगाया गया। वहीं 45 वर्ष से ज्यादा आयु के 2097 लोगों को टीके की डोज लगाई गई। इसमें 1421 लोगों को टीके की दूसरी डोज लगाई। टीके की कमी पर कहा कि वर्तमान में विभाग के पास टीके का दो हजार स्टॉक बचा है, शाम तक चार हजार स्टॉक और आ जाएगा।
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बीते एक जून से 18 वर्ष से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। कुछ दिन पहले तक यह टीकाकरण जिले के 66 केंद्रों पर करते हुए दस हजार युवाओं का किया जा रहा था। लेकिन विगत तीन दिन से टीके का स्टॉक सीमित होने तक केंद्रों की संख्या 16 तक सिमट कर रह गई है। बृहस्पतिवार को कम टीकाकरण केंद्र होने के चलते इन पर भीड़ देखने को मिली। इन भीड़ में टीकाकरण कराने को लेकर इतना उत्साह दिख रहा था उनके द्वारा संक्रमण से मुक्त होने के लिए टीकाकरण के दौरान खुद कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं होता दिखा। जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, कोपागंज, रानीपुर, मुहम्मदाबाद गोहना आदि केंद्रों पर टीकाकरण कराने के लिए लोग उमस भरी गर्मी में सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते नहीं दिखे। वहीं रानीपुर ब्लाक के खुरहट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बृहस्पतिवार को कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की उपलब्धता ना होने के कारण टीकाकरण नहीं हो सका। ऐसे में टीकाकरण कराने पहुंचे 45 वर्ष से ज्यादा के उम्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान जयराम, रामबचन ,अभिमन्यु चौहान, प्रेमचंद चौहान, धनराजी आदि का कहना वह लोग बीते मंगलवार से ही टीकाकरण कराने के लिए पहुंच रहे है। लेकिन टीकाकरण नहीं होने से उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। उधर इस बाबत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को 1652 युवाओं को टीके की डोज लगाई गई। इसमें 365 युवाओं को कोवैक्सीन जबकि 1287 को कोविडशील्ड का डोज लगाया गया। वहीं 45 वर्ष से ज्यादा आयु के 2097 लोगों को टीके की डोज लगाई गई। इसमें 1421 लोगों को टीके की दूसरी डोज लगाई। टीके की कमी पर कहा कि वर्तमान में विभाग के पास टीके का दो हजार स्टॉक बचा है, शाम तक चार हजार स्टॉक और आ जाएगा।
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