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Mau News: देवारा के निचले इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी, पशुओं को ले जाने लगे सुरक्षित जगह
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बाढ़ के पानी के बीच से पशुओं को ले जाता पशुपालक।
मधुबन। तहसील क्षेत्र के देवरांचल में सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी के किनारे बसे कई गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह आठ बजे हाहा नाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.80 मीटर दर्ज किया गया।
जबकि बृहस्पतिवार की सुबह यह 65.60 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ा है। यहां खतरे का बिंदु 66.31 मीटर निर्धारित है।
निचले इलाकों में पानी पहुंचने से 15 गांवों के दो हजार से ज्यादा पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में पानी भरने से हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है। पशुपालक पशुओं को चराने के लिए ऊंचे स्थानों की तलाश कर रहे हैं।
किसान बाढ़ के पानी के बीच से अपने पशुओं को सुरक्षित जगह ले जा रहे हैंं। हाहा नाला रेगुलेटर पर तैनात अवर अभियंता मुहम्मद इमरान ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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24 घंटे में 20 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। फिलहाल जलस्तर खतरे के बिंदु से 51 सेंटीमीटर नीचे है। बढ़ोतरी की यही रफ्तार रही तो तीन-चार दिनों में नदी खतरे के निशान 66.31 मीटर को पार कर सकती है। एसडीएम दीपक सिंह ने बताया कि प्रशासन की स्थिति पर पूरी नजर है।
संबंधित गांवों के सभी लेखपालों को अलर्ट मोड में रखा गया है और वे लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
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जबकि बृहस्पतिवार की सुबह यह 65.60 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ा है। यहां खतरे का बिंदु 66.31 मीटर निर्धारित है।
निचले इलाकों में पानी पहुंचने से 15 गांवों के दो हजार से ज्यादा पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में पानी भरने से हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है। पशुपालक पशुओं को चराने के लिए ऊंचे स्थानों की तलाश कर रहे हैं।
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किसान बाढ़ के पानी के बीच से अपने पशुओं को सुरक्षित जगह ले जा रहे हैंं। हाहा नाला रेगुलेटर पर तैनात अवर अभियंता मुहम्मद इमरान ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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24 घंटे में 20 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। फिलहाल जलस्तर खतरे के बिंदु से 51 सेंटीमीटर नीचे है। बढ़ोतरी की यही रफ्तार रही तो तीन-चार दिनों में नदी खतरे के निशान 66.31 मीटर को पार कर सकती है। एसडीएम दीपक सिंह ने बताया कि प्रशासन की स्थिति पर पूरी नजर है।
संबंधित गांवों के सभी लेखपालों को अलर्ट मोड में रखा गया है और वे लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।