{"_id":"65aaa4c961cab01f810b6f44","slug":"five-accused-including-ramesh-singh-kaka-acquitted-in-threatening-case-mau-news-c-295-1-mau1001-7895-2024-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: धमकी देने के मामले में रमेश सिंह काका सहित पांच आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: धमकी देने के मामले में रमेश सिंह काका सहित पांच आरोपी दोषमुक्त
विज्ञापन
मऊ। न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेश कुमार सिंह ने घर में घुसकर धमकी और गाली देने के मामले में रमेश सिंह काका सहित पांच को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एक आरोपी दिनेश सिंह की दौरान विचारण मौत हो गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने कथन का समर्थन न करने पर वादी श्रीराम सिंह के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया। मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, खिरिया गांव निवासी श्रीराम सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कैथवली गांव निवासी रमेश सिंह काका, कुशमौर गांव निवासी पवन सिंह, बकवल गांव निवासी राजीव कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह, परदहां गांव निवासी दिनेश सिंह, पखईपुर गांव निवासी विनय कुमार सिंह और पिंटू सिंह तथा खिरिया गांव निवासी जगरन्नाथ सिंह को आरोपी बनाया गया था। इसमें आरोप था कि 22 जनवरी 2008 को आरोपी असलहा लेकर आए। गाली और धमकी दी तथा उसके लड़के अनंत की तलाश की। सहायक अभियोजन अधिकारी ने तीन गवाहों को पेश किया। गवाहों ने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया। बचाव पक्ष से पैरवी करते हुए कहा गया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार, खिरिया गांव निवासी श्रीराम सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कैथवली गांव निवासी रमेश सिंह काका, कुशमौर गांव निवासी पवन सिंह, बकवल गांव निवासी राजीव कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह, परदहां गांव निवासी दिनेश सिंह, पखईपुर गांव निवासी विनय कुमार सिंह और पिंटू सिंह तथा खिरिया गांव निवासी जगरन्नाथ सिंह को आरोपी बनाया गया था। इसमें आरोप था कि 22 जनवरी 2008 को आरोपी असलहा लेकर आए। गाली और धमकी दी तथा उसके लड़के अनंत की तलाश की। सहायक अभियोजन अधिकारी ने तीन गवाहों को पेश किया। गवाहों ने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया। बचाव पक्ष से पैरवी करते हुए कहा गया कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है।
विज्ञापन