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Mau News: 35 क्विंटल अनाज की कालाबाजारी के आरोप में कोटेदार के विरुद्ध प्राथमिकी
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रानीपुर थाना क्षेत्र के कपरिया ताहिरपुर गांव के कोटेदार रामानंद यादव के खिलाफ सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार शाम प्राथमिकी दर्ज की है।
मुहम्मदाबाद तहसील के पूर्ति निरीक्षक अमित कुमार की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की। आरोप है कि कार्डधारकों की शिकायत पर जांच के दौरान करीब 35 क्विंटल सरकारी खाद्यान्न कम पाया गया।
प्राथमिकी के अनुसार, बीते 19 और 20 जुलाई को अमित कुमार ने अपनी टीम के साथ कोटेदार रामानंद यादव की कोटे की दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कोटेदार वहां उपस्थित नहीं मिला।
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20 जुलाई तक वितरण की अंतिम तिथि होने के बावजूद उसने खाद्यान्न का वितरण नहीं किया था। 18 कार्डधारकों ने बयान दर्ज कराए थे। निरीक्षण के दौरान 180 बोरी चावल मिला, जिसमें 106 बोरी और 74 बोरी अलग-अलग कमरों में रखी हुई थीं।
गेहूं मौके पर उपलब्ध नहीं था। वितरण चार्ट के अनुसार जून 2026 का अवशेष खाद्यान्न, जुलाई माह में आवंटित खाद्यान्न तथा अगस्त माह के स्टॉक का मिलान करने पर विक्रेता के स्टॉक में 15.84 क्विंटल गेहूं (31 बोरी) और 109.02 क्विंटल चावल (218 बोरी) 20 जुलाई को उपलब्ध होना चाहिए था।
भौतिक सत्यापन के दौरान कोटेदार के स्टॉक में केवल 90 क्विंटल चावल (180 बोरी) उपलब्ध पाया गया। इस प्रकार 15.84 क्विंटल गेहूं उपलब्ध नहीं मिला। वहीं 109.02 क्विंटल चावल के सापेक्ष केवल 90 क्विंटल चावल पाया गया। इस प्रकार विक्रेता के स्टॉक में 15.84 क्विंटल गेहूं और लगभग 19 क्विंटल चावल कम पाया गया।
टीम ने जुलाई और अगस्त माह का 180 बोरी चावल अपनी अभिरक्षा में लेकर बगल के गांव उमती के कोटेदार मनोज कुमार दूबे तथा गोकुलपुरा के कोटेदार वीरेंद्र सिंह को सुपुर्द कर दिया।
मनोज कुमार दूबे को निर्देश दिया गया कि खाद्यान्न को अपने पास सुरक्षित रखेंगे तथा सक्षम अधिकारी या न्यायालय के आदेशानुसार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
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कोटेदार ने निर्धारित तिथि तक खाद्यान्न वितरण नहीं किया था। शिकायत के आधार पर टीम ने जांच की तो शिकायत सही पाई गई। कोटेदार को नोटिस दिया गया था, इसकी अवहेलना की गई। इससे स्पष्ट होता है कि जुलाई माह के गेहूं और चावल का अवैध निस्तारण कर कालाबाजारी की गई है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। उनके अनुमोदन के बाद कानूनी कार्रवाई की गई है। -राघवेंद्र कुमार सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी, मऊ
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मुहम्मदाबाद तहसील के पूर्ति निरीक्षक अमित कुमार की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की। आरोप है कि कार्डधारकों की शिकायत पर जांच के दौरान करीब 35 क्विंटल सरकारी खाद्यान्न कम पाया गया।
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प्राथमिकी के अनुसार, बीते 19 और 20 जुलाई को अमित कुमार ने अपनी टीम के साथ कोटेदार रामानंद यादव की कोटे की दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कोटेदार वहां उपस्थित नहीं मिला।
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20 जुलाई तक वितरण की अंतिम तिथि होने के बावजूद उसने खाद्यान्न का वितरण नहीं किया था। 18 कार्डधारकों ने बयान दर्ज कराए थे। निरीक्षण के दौरान 180 बोरी चावल मिला, जिसमें 106 बोरी और 74 बोरी अलग-अलग कमरों में रखी हुई थीं।
गेहूं मौके पर उपलब्ध नहीं था। वितरण चार्ट के अनुसार जून 2026 का अवशेष खाद्यान्न, जुलाई माह में आवंटित खाद्यान्न तथा अगस्त माह के स्टॉक का मिलान करने पर विक्रेता के स्टॉक में 15.84 क्विंटल गेहूं (31 बोरी) और 109.02 क्विंटल चावल (218 बोरी) 20 जुलाई को उपलब्ध होना चाहिए था।
भौतिक सत्यापन के दौरान कोटेदार के स्टॉक में केवल 90 क्विंटल चावल (180 बोरी) उपलब्ध पाया गया। इस प्रकार 15.84 क्विंटल गेहूं उपलब्ध नहीं मिला। वहीं 109.02 क्विंटल चावल के सापेक्ष केवल 90 क्विंटल चावल पाया गया। इस प्रकार विक्रेता के स्टॉक में 15.84 क्विंटल गेहूं और लगभग 19 क्विंटल चावल कम पाया गया।
टीम ने जुलाई और अगस्त माह का 180 बोरी चावल अपनी अभिरक्षा में लेकर बगल के गांव उमती के कोटेदार मनोज कुमार दूबे तथा गोकुलपुरा के कोटेदार वीरेंद्र सिंह को सुपुर्द कर दिया।
मनोज कुमार दूबे को निर्देश दिया गया कि खाद्यान्न को अपने पास सुरक्षित रखेंगे तथा सक्षम अधिकारी या न्यायालय के आदेशानुसार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
कोटेदार ने निर्धारित तिथि तक खाद्यान्न वितरण नहीं किया था। शिकायत के आधार पर टीम ने जांच की तो शिकायत सही पाई गई। कोटेदार को नोटिस दिया गया था, इसकी अवहेलना की गई। इससे स्पष्ट होता है कि जुलाई माह के गेहूं और चावल का अवैध निस्तारण कर कालाबाजारी की गई है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। उनके अनुमोदन के बाद कानूनी कार्रवाई की गई है। -राघवेंद्र कुमार सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी, मऊ