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किसानों ने सीएम को भेजा पत्र, न्याय की गुहार
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कोपागंज। क्षेत्र के 15 से ज्यादा गांवों के किसानों ने शारदा नहर के अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को डाक से पत्र भेजा है। पत्र में अन्याय के बारे में अवगत कराते हुए न्याय की मांग की। साथ ही चेताया कि वे कई वर्षों से न्याय की उम्मीद की आस में है। उम्मीद टूटने पर वो दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे।
पत्र में कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के ग्राम सभा भेलाबांध, कनियारीपुर, हसनपुर, लैरो बेरूवार इंदारा आदि गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शारदा सहायक खंड 32 द्वारा पूर्व में किसानों की भूमि अधिग्रहण कर धोखाधड़ी से कड़ी के स्थान पर एयर में खारिज दाखिल कर लिया है जो किसानों के साथ अन्याय है। बताया कि शासन द्वारा शारदा सहायक खंड 32 नहर के चौड़ीकरण के नाम पर सन 1976 में अधिग्रहण किया गया जिसका भुगतान 30 वर्ष बाद 2005-2006 में किसानों को कड़ी के हिसाब से हुआ था। आरोप लगाया कि नहर विभाग और राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत और किसानों के साथ धोखाधड़ी करके एयर में खारिज दाखिल कर दिया गया। जिससे किसानों के अधिग्रहण की गई जमीन की कीमत कम देकर अधिक जमीन खारिज दाखिल करके हड़प लिया गया है। इस संबंध में पूर्व में कई बार उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया लेकिन इस समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। बाध्य होकर किसानों ने बीते 30 जुलाई को किसानों ने रजिस्टर्ड डाक द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया। पत्र भेजने वाले किसान बेचन मौर्य, राम नवल राही, लालचंद राम, वीर बहादुर यादव, किसुन, राजू, अवधेश सिंह, भुल्लन, रमेश अनिल आदि किसानों ने चेताया कि दो अक्टूबर महात्मा गांधी के जयंती के अवसर पर तक समस्या का निस्तारित न होने पर मजबूरन किसान कोपागंज ब्लाक के शारदा सहायक खंड 32 के पुलिया पर सामूहिक आत्मदाह करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी नहर विभाग की होगी।
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पत्र में कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के ग्राम सभा भेलाबांध, कनियारीपुर, हसनपुर, लैरो बेरूवार इंदारा आदि गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शारदा सहायक खंड 32 द्वारा पूर्व में किसानों की भूमि अधिग्रहण कर धोखाधड़ी से कड़ी के स्थान पर एयर में खारिज दाखिल कर लिया है जो किसानों के साथ अन्याय है। बताया कि शासन द्वारा शारदा सहायक खंड 32 नहर के चौड़ीकरण के नाम पर सन 1976 में अधिग्रहण किया गया जिसका भुगतान 30 वर्ष बाद 2005-2006 में किसानों को कड़ी के हिसाब से हुआ था। आरोप लगाया कि नहर विभाग और राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत और किसानों के साथ धोखाधड़ी करके एयर में खारिज दाखिल कर दिया गया। जिससे किसानों के अधिग्रहण की गई जमीन की कीमत कम देकर अधिक जमीन खारिज दाखिल करके हड़प लिया गया है। इस संबंध में पूर्व में कई बार उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया लेकिन इस समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। बाध्य होकर किसानों ने बीते 30 जुलाई को किसानों ने रजिस्टर्ड डाक द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया। पत्र भेजने वाले किसान बेचन मौर्य, राम नवल राही, लालचंद राम, वीर बहादुर यादव, किसुन, राजू, अवधेश सिंह, भुल्लन, रमेश अनिल आदि किसानों ने चेताया कि दो अक्टूबर महात्मा गांधी के जयंती के अवसर पर तक समस्या का निस्तारित न होने पर मजबूरन किसान कोपागंज ब्लाक के शारदा सहायक खंड 32 के पुलिया पर सामूहिक आत्मदाह करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी नहर विभाग की होगी।
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