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Mau News: 600 एकड़ कृषि भूमि तक जाने के किसानों को जाना पड़ता है छह किलोमीटर दूर
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हरहुआ गांव के पास रेलवे अंडरपास को लेकर बैठक करते ग्रामीण।संवाद
- फोटो : ट्रक की टक्कर के बाद पलटी ट्राली।
दोहरीघाट–इंदारा रेलमार्ग पर रेलवे गेट संख्या 18, हड़हुआ गांव के पास अंडरपास निर्माण को लेकर दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को बैठक कर नाराजगी जताई।
चेतावनी दी कि यदि शीघ्र अंडरपास निर्माण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीण रमेश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, बृजभूषण सिंह, सूर्यभान सिंह, संतोष सिंह समेत अन्य ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के प्रयास से रेल, सूचना प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के आदेश पर 5 नवंबर 2024 को अंडरपास के संबंध में विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
कहा कि अंडरपास न बनने से लगभग 600 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए छह किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ट्रैक्टर और कंबाइन मशीन ले जाने में भारी परेशानी होती है।
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रेलवे लाइन के उस पार प्राचीन शिव मंदिर स्थित है, जहां महाशिवरात्रि पर विशाल मेले का आयोजन होता है। पास में बड़ा पोखरा भी है, जहां ग्रामीणों के श्राद्ध कर्म होते हैं।
ग्रामीण हाकिम सिंह, उषा देवी, राजेश सिंह, दिनेश सिंह, दुर्गावती, कमलावती, चंदा देवी, ममता, हेमलता, पवित्री देवी, सुखिया और इंद्रावती ने बताया कि खेती के लिए रेलवे लाइन पार करते समय जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
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चेतावनी दी कि यदि शीघ्र अंडरपास निर्माण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीण रमेश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, बृजभूषण सिंह, सूर्यभान सिंह, संतोष सिंह समेत अन्य ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के प्रयास से रेल, सूचना प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के आदेश पर 5 नवंबर 2024 को अंडरपास के संबंध में विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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कहा कि अंडरपास न बनने से लगभग 600 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए छह किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ट्रैक्टर और कंबाइन मशीन ले जाने में भारी परेशानी होती है।
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रेलवे लाइन के उस पार प्राचीन शिव मंदिर स्थित है, जहां महाशिवरात्रि पर विशाल मेले का आयोजन होता है। पास में बड़ा पोखरा भी है, जहां ग्रामीणों के श्राद्ध कर्म होते हैं।
ग्रामीण हाकिम सिंह, उषा देवी, राजेश सिंह, दिनेश सिंह, दुर्गावती, कमलावती, चंदा देवी, ममता, हेमलता, पवित्री देवी, सुखिया और इंद्रावती ने बताया कि खेती के लिए रेलवे लाइन पार करते समय जान जोखिम में डालनी पड़ती है।