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आपदा से दो और किसानों की मौत
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Mon, 20 Apr 2015 11:32 PM IST
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जिले में फसल की बर्बादी के सदमे से किसानों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा। सोमवार को भी दो किसानों की मौत की सूचना मिली। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के नवापुरा बहलोलपुर में जहां रविवार को एक किसान की मौत हो गई, वहीं चार दिनों से बीमार घोसी तहसील के भरौली गांव निवासी किसान फेंकू ने दम तोड़ दिया।
सरसेना संवाददाता के अनुसार मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के नवापुरा बहलोलपुर निवासी 50 वर्षीय रामउग्रह यादव रविवार की रात अपने गेहूं की मड़ाई कर रहा था। गेहूं की मड़ाई करते समय उसको सदमा लगा।
फसल से न तो भूसा ही ठीक से निकल रहा था और न ही अनाज। परिवार के सदस्य उसे घर ले गए, लेकिन इसकी मौत हो गई। सोमवार को मौके पर क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो पहुंचे और मामले की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी।
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घोसी संवाददाता के अनुसार चार दिन पूर्व भरौली गांव निवासी 60 वर्षीय फेंकू की तबीयत मड़ाई करते समय खराब हो गई। उसने बटाई पर खेत लेकर फसल रोपी थी।
बेरुख मौसम से इस वर्ष खेती का मूलधन भी आना मुश्किल हो गया था। इसी बात से चिंतित होकर वह बीमार हो गया। परिवार के सदस्य दवा इलाज करते रहे, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई।
जिले में किसानों की मौत का सिलसिला अब भी जारी है। अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिलना शुरू हुआ है और नही मुआवजा की धनराशि ही मिल पाई है। ग्रामीणों ने किसान की मौत पर प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए।
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सरसेना संवाददाता के अनुसार मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के नवापुरा बहलोलपुर निवासी 50 वर्षीय रामउग्रह यादव रविवार की रात अपने गेहूं की मड़ाई कर रहा था। गेहूं की मड़ाई करते समय उसको सदमा लगा।
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फसल से न तो भूसा ही ठीक से निकल रहा था और न ही अनाज। परिवार के सदस्य उसे घर ले गए, लेकिन इसकी मौत हो गई। सोमवार को मौके पर क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो पहुंचे और मामले की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी।
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घोसी संवाददाता के अनुसार चार दिन पूर्व भरौली गांव निवासी 60 वर्षीय फेंकू की तबीयत मड़ाई करते समय खराब हो गई। उसने बटाई पर खेत लेकर फसल रोपी थी।
बेरुख मौसम से इस वर्ष खेती का मूलधन भी आना मुश्किल हो गया था। इसी बात से चिंतित होकर वह बीमार हो गया। परिवार के सदस्य दवा इलाज करते रहे, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई।
जिले में किसानों की मौत का सिलसिला अब भी जारी है। अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिलना शुरू हुआ है और नही मुआवजा की धनराशि ही मिल पाई है। ग्रामीणों ने किसान की मौत पर प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए।