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श्रीराम-भरत का मिलाप देख सजल हुई आंखें
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नगर के शाही कटरा के मैदान में आयोजित भरत मिलाप के बाद विहंगम दृश्य,आर्शीवाद लेते लोग।संवाद
- फोटो : MAU
रामलीला समिति की ओर से रविवार की भोर में शाही कटरा के परिसर में भरत मिलाप का आयोजन किया गया। चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का भ्राता भरत तथा शत्रुघ्न से मिलन होता है। चारों भाई का भावपूर्ण मिलन देख कर श्रद्धालुओं की आंखें सजल हो गईं। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम का स्वागत किया।
श्रीराम के वनवास की अवधि पूरा होने पर भ्राता भरत भाव विह्वल हो गए। पौ फटने से पहले वे विलाप करने लगे। इस दौरान भरत जी ने कहा कारन कवन नाथ नहीं आवा जानि कुटिल मोहि विसरावा...। जिस समय भरत विलाप कर रहे थे, उसी समय भगवान का पुष्पक विमान अयोध्या के बाहर पहुुंच चुका था। राम ने भक्त हनुमान को अपने आगमन का संदेशा देने के लिए भेजा। हनुमान जी विप्र रुप धर भरत की कुटी पर पहुंचे। वे भरत को बताते हैं कि जिस प्रभु के लिए आप विलाप कर रहे हैं वे आ चुके हैं। प्रभु की सूचना देने वाले दूत से भरत जी लिपट कर उनसे उनका परिचय जाना। इस दौरान हनुमान ने बताया कि वे राम भक्त हनुमान हैं। कहा कि मैं वही हनुमान हूं जिसे आपने उस समय बाण से मार कर घायल कर दिया था जब वे धवलागिरि पहाड़ को लक्ष्मण की जान बचाने के लिए ले जा रहा था। अधीर हो चुके भरत हनुमान को तुरंत भगवान को लाने के लिए भेजते हैं। साथ ही स्वयं भगवान की तैयारी में जुट गए। जैसे ही भगवान आए। चारों भाई आपस में लिपट कर रोने लगे। इसके बाद पूरा गगन जयकारे से गूंज उठा।
भोर में श्रीराम और भरत का मिलाप होते ही जय श्रीराम और हर-हर महादेव का जयकारा गूंज उठा। भरत मिलाप देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए थे। चप्पे-चप्पे पर आरएएफ जवान और पुलिसकर्मी तैनात रहे। भोर में साढ़े चार बजे पुष्पक विमान शाही कटरा मस्जिद के दक्षिणी तरफ पहुंचा। जहां अखाड़ों ने खूब करतब दिखाए। सुबह के 05.15 बजे वन से लौटे प्रभु श्रीराम के पुष्पक विमान परंपरा अनुसार शाही कटरा मस्जिद के द्वार को तीन बार छू कर आगे बढ़ गया। सुबह के छह बजे चारों भाइयों के मिलन के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं नगर पालिका की बालकनी में बैठकर जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल और पुलिस अधीक्षक सुशील घुले सहित जिलास्तरीय अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहे थे।
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पुष्पक विमान रोक कर की प्रभु की आरती
मऊ। शीतला धाम से शाही कटरा पहुंचने से पूर्व कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पक विमान को रोककर प्रभु श्रीराम का पूजन करने के बाद आरती की। इसके साथ ही उत्सव के माहौल के बीच अखाड़ों ने करतब दिखाए। करतब देखने और प्रभु के दर्शन करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ लगी रही। भोर में साढ़े चार बजे जब प्रभु श्रीराम का पुष्पक विमान शाही कटरा मस्जिद के पास पहुंचा। उस समय मस्जिद में अजान हो रही थी। एक तरफ अजान तो दूसरी तरफ हर-हर महादेव का जयकारा गूंज रहा था। इस दौरान आपसी सौहार्द बना रहा।
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श्रीराम के वनवास की अवधि पूरा होने पर भ्राता भरत भाव विह्वल हो गए। पौ फटने से पहले वे विलाप करने लगे। इस दौरान भरत जी ने कहा कारन कवन नाथ नहीं आवा जानि कुटिल मोहि विसरावा...। जिस समय भरत विलाप कर रहे थे, उसी समय भगवान का पुष्पक विमान अयोध्या के बाहर पहुुंच चुका था। राम ने भक्त हनुमान को अपने आगमन का संदेशा देने के लिए भेजा। हनुमान जी विप्र रुप धर भरत की कुटी पर पहुंचे। वे भरत को बताते हैं कि जिस प्रभु के लिए आप विलाप कर रहे हैं वे आ चुके हैं। प्रभु की सूचना देने वाले दूत से भरत जी लिपट कर उनसे उनका परिचय जाना। इस दौरान हनुमान ने बताया कि वे राम भक्त हनुमान हैं। कहा कि मैं वही हनुमान हूं जिसे आपने उस समय बाण से मार कर घायल कर दिया था जब वे धवलागिरि पहाड़ को लक्ष्मण की जान बचाने के लिए ले जा रहा था। अधीर हो चुके भरत हनुमान को तुरंत भगवान को लाने के लिए भेजते हैं। साथ ही स्वयं भगवान की तैयारी में जुट गए। जैसे ही भगवान आए। चारों भाई आपस में लिपट कर रोने लगे। इसके बाद पूरा गगन जयकारे से गूंज उठा।
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भोर में श्रीराम और भरत का मिलाप होते ही जय श्रीराम और हर-हर महादेव का जयकारा गूंज उठा। भरत मिलाप देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए थे। चप्पे-चप्पे पर आरएएफ जवान और पुलिसकर्मी तैनात रहे। भोर में साढ़े चार बजे पुष्पक विमान शाही कटरा मस्जिद के दक्षिणी तरफ पहुंचा। जहां अखाड़ों ने खूब करतब दिखाए। सुबह के 05.15 बजे वन से लौटे प्रभु श्रीराम के पुष्पक विमान परंपरा अनुसार शाही कटरा मस्जिद के द्वार को तीन बार छू कर आगे बढ़ गया। सुबह के छह बजे चारों भाइयों के मिलन के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं नगर पालिका की बालकनी में बैठकर जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल और पुलिस अधीक्षक सुशील घुले सहित जिलास्तरीय अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहे थे।
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पुष्पक विमान रोक कर की प्रभु की आरती
मऊ। शीतला धाम से शाही कटरा पहुंचने से पूर्व कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पक विमान को रोककर प्रभु श्रीराम का पूजन करने के बाद आरती की। इसके साथ ही उत्सव के माहौल के बीच अखाड़ों ने करतब दिखाए। करतब देखने और प्रभु के दर्शन करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ लगी रही। भोर में साढ़े चार बजे जब प्रभु श्रीराम का पुष्पक विमान शाही कटरा मस्जिद के पास पहुंचा। उस समय मस्जिद में अजान हो रही थी। एक तरफ अजान तो दूसरी तरफ हर-हर महादेव का जयकारा गूंज रहा था। इस दौरान आपसी सौहार्द बना रहा।