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अव्यवस्था में हो रही हैं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएंexaminations
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:24 PM IST
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सीबीएसई परीक्षाएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में चल रही अर्द्धवार्षिक परीक्षा में अव्यवस्था है। बच्चों को अपनी-अपनी कक्षाओं में बिना सीटिंग प्लान के ही परीक्षा कराई जा रही है। विभाग की ओर से बच्चों को कापी और पर्चे देकर इतिश्री कर दी जा रही है। परीक्षा शुरू होने के तीसरे दिन अधिकांश विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष परीक्षा देने वाले बच्चों की संख्या काफी कम रही।
आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि नामांकन के सापेेक्ष बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ तो दिया जा रहा है, लेकिन परीक्षा में शत प्रतिशत उपस्थिति नहीं दिख रही है। विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगा है। जबकि विभागीय अधिकारियों ने 1.22 लाख बच्चों के शामिल होने का दावा किया है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। सर्व शिक्षा अभियान पर काफी खर्च के बाद भी गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। विद्यालयों में नामांकन हुए सभी बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन अर्द्धवार्षिक परीक्षा में बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। अभी तक बच्चों को पुस्तकेें नहीं मिल पाई हैं। केवल एक दो किताब बांटकर ही इतिश्री कर दी गइ है। गुरुवार को प्रथम पाली में अंग्रेजी तथा दूसरी पाली में कार्यानुभव रहा।
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विभाग की ओर से सीटिंग प्लान के हिसाब से बच्चों को बैठाया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष परीक्षार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के दोहरीघाट कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम में 73 बच्चों का नामांकन है, लेकिन 52 बच्चे ही परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी तरह परदहां ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ताजपुर में 107 बच्चों का नामांकन है, लेकिन 85 बच्चे ही परीक्षा देने आए। इस बाबत परीक्षा के नोडल अधिकारी व जिला समन्वयक प्रशिक्षण गजेंद्र सिंह का कहना है कि सीटिंग प्लान बनाकर परीक्षा कराने के लिए समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या परीक्षा के बाद ही मिल पाएगी।
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आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि नामांकन के सापेेक्ष बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ तो दिया जा रहा है, लेकिन परीक्षा में शत प्रतिशत उपस्थिति नहीं दिख रही है। विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगा है। जबकि विभागीय अधिकारियों ने 1.22 लाख बच्चों के शामिल होने का दावा किया है।
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। सर्व शिक्षा अभियान पर काफी खर्च के बाद भी गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। विद्यालयों में नामांकन हुए सभी बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन अर्द्धवार्षिक परीक्षा में बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। अभी तक बच्चों को पुस्तकेें नहीं मिल पाई हैं। केवल एक दो किताब बांटकर ही इतिश्री कर दी गइ है। गुरुवार को प्रथम पाली में अंग्रेजी तथा दूसरी पाली में कार्यानुभव रहा।
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विभाग की ओर से सीटिंग प्लान के हिसाब से बच्चों को बैठाया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष परीक्षार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के दोहरीघाट कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम में 73 बच्चों का नामांकन है, लेकिन 52 बच्चे ही परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी तरह परदहां ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय ताजपुर में 107 बच्चों का नामांकन है, लेकिन 85 बच्चे ही परीक्षा देने आए। इस बाबत परीक्षा के नोडल अधिकारी व जिला समन्वयक प्रशिक्षण गजेंद्र सिंह का कहना है कि सीटिंग प्लान बनाकर परीक्षा कराने के लिए समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या परीक्षा के बाद ही मिल पाएगी।