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डीएम के आदेश के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं आखिर दोषी कौन?

Mon, 13 Jul 2020 10:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2020 10:51 PM IST
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Even after DM's order, the report is not recorded, who is the culprit?
मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के सहादतपुरा हाइवे पर पुरानी तहसील पर मौजूद फर्जी रजिस्ट्रेशन पर चलने वाले अस्पताल को डीएम के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने सीज तो कर दिया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली शुरु कर दी गई। इससे स्पष्ट हो गया कि कही न कही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन अस्पताल संचालक को बचाने में जुटा है। हालांकि बात करने पर सीएमओ डा. एससी सिंह ने दावा किया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है, जबकि पुलिस तहरीर मिलने से इंकार कर रही। मामला चाहे जो भी हो लेकिन विवादित अस्पताल संचालक के विरुद्ध कार्रवाई न होने से लोग स्वास्थ्य विभाग और पुलिस पर दोषी को बचाने का आरोप लगा रहें।
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हाइवे पर पुरानी तहसील पर एक अस्पताल वाराणसी के एक डाक्टर के नाम पर संचालित किया जाता है। लेकिन उस डाक्टर ने लिखापढ़ी में बताया कि उसका इस अस्पताल से कोई वास्ता सरोकार नहीं है। मेरे नाम पर यदि पंजीकरण किया गया है, तो वह गलत है। जबकि अस्पताल में वाराणसी में रहने वाले उस डाक्टर के नाम पर मरीजों को भर्ती किया जाता है। बीते दिनों मरीज की मौत होने पर अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ था।
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इस दौरान मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी सारहू ने पीड़ितों को डांटकर भगा दिया। फिर भी पीड़ितों ने डीएम को मिलकर शिकायत किया। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराई। इस दौरान अस्पताल को सीज कर दिया गया। जांच करने वाले डिप्टी सीएमओ अमर सिंह फिलहाल कोई बयान देने से इंकार कर दिए। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल संचालक करने वाले के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र कोतवाली भेजा गया है। जबकि कोतवाली पुलिस तहरीर न मिलने की बात बोल रही। जबकि सीओ नगर नरेश कुमार का कहना है कि अब तक अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए उन्हे कोई प्रार्थना पत्र नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के दावे एक दूसरे के दावों का खंडन कर रहे हैं।
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