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मतदान में युवाओं ने दिखाया उत्साह
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:33 AM IST
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पुराने मठाधीश एवं पूर्व के जनप्रतिनिधियों को छोड़ दें तो अधिकांश लोगों ने युवाओं के मैदान में आने से अपना भविष्य भी उन्हीं में ही देखना शुरू कर दिया हैं। यही कारण है कि मतदान में युवाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मतदाता भी पंचायतों में ईमानदार एवं कर्मठ प्रत्याशी की तलाश कर एक बदलाव की उम्मीद का सपना देख रहा है। वह पंचायत के जनप्रतिनिधियों में व्यवस्था में परिवर्तन की अपेक्षा के साथ उत्साहित है।
त्रिस्तरीय पंचयात चुनाव के तीसरे चरण का मतदान घोसी और बड़रांव ब्लाक में शनिवार को हुआ। मतदान में सरायसादी, बोझी, घोसी, अमिला आदि बूथों पर युवाओं की जागरुकता एवं प्रत्याशियों में अधिकांश की संख्या भी युवा वर्ग के होने के चलते कुछ ज्यादा ही चुनाव दिलचस्प दिखा। पंचायत चुनाव में युवाओं के मन में जहां पंचायती राज व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है वहीं प्रत्याशी भी उनकी भावनाओं को समझकर उन्हें समझाने एवं विश्वास दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
जिले में मतदाताओं की संख्या पर गौर किया जबऌ तो 12 लाख से अधिक मतदाताओं की संख्या है। इसमें युवाओं की संख्या 60 से 70 प्रतिशत तक है। जिले में कुल 34 जिला पंचायत सदस्य एवं 857 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव संपन्न होना है। तीसरे चरण में घोसी क्षेत्र के ऐसे ही कुछ युवा मतदाताओं से बातचीत हुई तो उन्होंने खुलकर अपनी बातें रखी। करमचंद्र चौहान का कहना है कि पंचायती राज व्यवस्था में जनप्रतिनिधि अगर ईमानदारी से कार्य करे तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। अनुज कुमार का कहना है कि लोगों के मन में पंचायती चुनाव के प्रति एक प्रकार की भ्रष्टाचार को लेकर गलत मानसिकता बनती जा रही है। इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है।
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इसके लिए हालां कि युवा वर्ग से प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने से उम्मीद बढ़ रही है लेकिन फिर भी अब मतदाता पूर्व की व्यवस्था से ऊबकर एक परिवर्तन चाहते हैं। किरन और सोनू का कहना है कि पंचायत राज व्यवस्था में सरकार ने महिलाओं को हर वर्ग से आरक्षण देकर उनहें सशक्त बनाने का जो बीड़ा उठाया है वह अब धीरे-धीरे पूरा तो हो रहा है लेकिन अभी इसमें काफी प्रयास की जरुरत है। कहा कि युवा एवं कर्मठ ईमानदार महिलाओं के राजनीति में आने से ही महिलाओं की भागेदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
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त्रिस्तरीय पंचयात चुनाव के तीसरे चरण का मतदान घोसी और बड़रांव ब्लाक में शनिवार को हुआ। मतदान में सरायसादी, बोझी, घोसी, अमिला आदि बूथों पर युवाओं की जागरुकता एवं प्रत्याशियों में अधिकांश की संख्या भी युवा वर्ग के होने के चलते कुछ ज्यादा ही चुनाव दिलचस्प दिखा। पंचायत चुनाव में युवाओं के मन में जहां पंचायती राज व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है वहीं प्रत्याशी भी उनकी भावनाओं को समझकर उन्हें समझाने एवं विश्वास दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
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जिले में मतदाताओं की संख्या पर गौर किया जबऌ तो 12 लाख से अधिक मतदाताओं की संख्या है। इसमें युवाओं की संख्या 60 से 70 प्रतिशत तक है। जिले में कुल 34 जिला पंचायत सदस्य एवं 857 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का चुनाव संपन्न होना है। तीसरे चरण में घोसी क्षेत्र के ऐसे ही कुछ युवा मतदाताओं से बातचीत हुई तो उन्होंने खुलकर अपनी बातें रखी। करमचंद्र चौहान का कहना है कि पंचायती राज व्यवस्था में जनप्रतिनिधि अगर ईमानदारी से कार्य करे तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। अनुज कुमार का कहना है कि लोगों के मन में पंचायती चुनाव के प्रति एक प्रकार की भ्रष्टाचार को लेकर गलत मानसिकता बनती जा रही है। इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है।
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इसके लिए हालां कि युवा वर्ग से प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने से उम्मीद बढ़ रही है लेकिन फिर भी अब मतदाता पूर्व की व्यवस्था से ऊबकर एक परिवर्तन चाहते हैं। किरन और सोनू का कहना है कि पंचायत राज व्यवस्था में सरकार ने महिलाओं को हर वर्ग से आरक्षण देकर उनहें सशक्त बनाने का जो बीड़ा उठाया है वह अब धीरे-धीरे पूरा तो हो रहा है लेकिन अभी इसमें काफी प्रयास की जरुरत है। कहा कि युवा एवं कर्मठ ईमानदार महिलाओं के राजनीति में आने से ही महिलाओं की भागेदारी सुनिश्चित हो सकेगी।