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मधुबन देवारा के बाढ़ प्रभावित 20 गांवों में ठप है बिजली आपूर्ति
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दुबारी। लगातार तीसरे दिन घाघरा के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के 20 से अधिक गांव नदी के घेरे में हैं। गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। अन्य गांवों से संपर्क कटा हुआ है। सैकड़ों एकड़ फसल डूब जाने से पशुओं के चारे के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। पलायन करने वाले बाढ़ पीड़ित अभी बंधे पर ही जीवन यापन करने को विवश हैं। गांवों में जल जमाव से दुर्गंध उठ रही है। इसके बावजूद गांवों में रसायनिक दवाओं का छिड़काव तक नहीं किया जा सका है।
घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद भी मधुबन क्षेत्र के देवारा इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। मधुबन तहसील के हाहा नाला पर नदी के जलस्तर नजर डाला जाए तो परसिया जयराम गिरी हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर शनिवार को 66.46 मीटर रहा। शु्क्रवार को 66.69मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 66.31 मीटर रहा। नदी के जलस्तर में नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, भगत का पुरा, विनटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बइरकंटा, विशुन का पुरा, पब्बर का पुरा, खैरा हरिलाल का पुरा, बिंदर का पुरा, बिशुन का पुरा, भगत का पुरा, धुस पुरा, पब्बर का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा,परसिया, गजियापुर मोलनापुर का बलुआ सहित 20 गांवों के लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। गांव जाने वाले सभी संपर्क मार्ग डूब जाने से आसपास के गांवों से कट गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होने से नष्ट होने के कगार पर है। पशुओं के चारे के लिए लोगों को जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ रहा है। गांवों में जलजमाव होने से दुर्गंध उठ रही है।
गजियापुर के बगही गांव के पास टूटे बंधा के मरम्मत हो जाने से आवागमन चालू हो गया है। बाढ़ के चलते पलायन करने वाले बाढ़पीड़ित अभी बंधा पर ही गुजर बसर कर रहे हैं। तटवर्ती बाढ़ क्षेत्रों की बिजली कट जाने के कारण लोग अंधेरे में जीवन यापन करने को विवश हैं।
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घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद भी मधुबन क्षेत्र के देवारा इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। मधुबन तहसील के हाहा नाला पर नदी के जलस्तर नजर डाला जाए तो परसिया जयराम गिरी हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर शनिवार को 66.46 मीटर रहा। शु्क्रवार को 66.69मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 66.31 मीटर रहा। नदी के जलस्तर में नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, भगत का पुरा, विनटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बइरकंटा, विशुन का पुरा, पब्बर का पुरा, खैरा हरिलाल का पुरा, बिंदर का पुरा, बिशुन का पुरा, भगत का पुरा, धुस पुरा, पब्बर का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा,परसिया, गजियापुर मोलनापुर का बलुआ सहित 20 गांवों के लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। गांव जाने वाले सभी संपर्क मार्ग डूब जाने से आसपास के गांवों से कट गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होने से नष्ट होने के कगार पर है। पशुओं के चारे के लिए लोगों को जान जोखिम में डालकर आना जाना पड़ रहा है। गांवों में जलजमाव होने से दुर्गंध उठ रही है।
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गजियापुर के बगही गांव के पास टूटे बंधा के मरम्मत हो जाने से आवागमन चालू हो गया है। बाढ़ के चलते पलायन करने वाले बाढ़पीड़ित अभी बंधा पर ही गुजर बसर कर रहे हैं। तटवर्ती बाढ़ क्षेत्रों की बिजली कट जाने के कारण लोग अंधेरे में जीवन यापन करने को विवश हैं।
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