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शिक्षा के नाम पर आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं : अभिभावक मंच
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अभिभावक मंच के सदस्यों और पदाधिकारियों की बैठक सोमवार को सहादतपुरा में हुई। इसमें जिले में शुल्क विनियमन अधिनियम के उल्लंघन पर नाराजगी प्रकट की गई। कहा कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं होगा।
बैठक को संबोधित करते हुए अभिभावक मंच के अध्यक्ष अमरेश सिंह ने कहा कि जिले में निजी स्कूल संचालकों की तरफ से खुलेआम अधिनियम की अवहेलना की जा रही है। यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अभिभावक मंच व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होगा।
अभिभावक मंच के संरक्षक उदय प्रताप राय ने कहा कि अधिकांश विद्यालय अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं।
नियमों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय को शिक्षण सत्र प्रारंभ होने से कम से कम 60 दिन पूर्व अपनी वेबसाइट पर शुल्क संरचना, पाठ्य-पुस्तकों की सूची एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक करनी होती हैं, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
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कई विद्यालय अपने परिसर से ही पुस्तकों का विक्रय कर रहे हैं। विक्रमजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल सिंह ने कहा कि विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को विशेष दुकानों से पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करना पूर्णतः अनुचित एवं गैरकानूनी है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। बैठक में बसंत कुमार, सुजीत सिंह आदि शामिल थे।
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बैठक को संबोधित करते हुए अभिभावक मंच के अध्यक्ष अमरेश सिंह ने कहा कि जिले में निजी स्कूल संचालकों की तरफ से खुलेआम अधिनियम की अवहेलना की जा रही है। यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अभिभावक मंच व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होगा।
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अभिभावक मंच के संरक्षक उदय प्रताप राय ने कहा कि अधिकांश विद्यालय अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे हैं।
नियमों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय को शिक्षण सत्र प्रारंभ होने से कम से कम 60 दिन पूर्व अपनी वेबसाइट पर शुल्क संरचना, पाठ्य-पुस्तकों की सूची एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक करनी होती हैं, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
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कई विद्यालय अपने परिसर से ही पुस्तकों का विक्रय कर रहे हैं। विक्रमजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल सिंह ने कहा कि विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को विशेष दुकानों से पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करना पूर्णतः अनुचित एवं गैरकानूनी है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। बैठक में बसंत कुमार, सुजीत सिंह आदि शामिल थे।