{"_id":"613255e18ebc3ef9751a389e","slug":"due-to-the-flood-waters-entering-dohrighat-town-the-residents-of-the-locality-increased-their-heartbeat-mau-news-vns609553518","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोहरीघाट कस्बा में बाढ़ का पानी घुसने से मुहल्लेवासियों की बढ़ी धड़कनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोहरीघाट कस्बा में बाढ़ का पानी घुसने से मुहल्लेवासियों की बढ़ी धड़कनें
विज्ञापन
दोहरीघाट। सरयू नदी के जलस्तर जैसे-जैसे खतरा बिंदु से ऊपर बढ़ता जा रहा है। वैसे-वैसे तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। नदी खतरा निशान से 55 सेमी ऊपर बह रही है। उफनती लहरे बंधों पर सीधे टकराने से लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे थे।
कस्बे के मल्लाहटोला, मेलाराम मुहल्ले में धीरे धीरे पानी नाले के रास्ते घुसने से मुहल्लेवासियों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शुक्रवार को नदी का जलस्तर 70.45 मीटर पर रहा। जबकि बृहस्पतिवार को 70.42 मीटर रहा। इस समय नदी का पूरा दबाव बंधों पर पड़ रहा है। जिससे सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार बंधों पर नजर रख रहे हैं। वहीं नवली गांव के समीप नदी पूरी तरह से दबाव बनाए हुए है। अगर नवली बंधा कटा तो नदी भीषण तबाही मचा सकती है। वहीं तीसरी बार बसाया गया नवली गांव इस समय पूरी तरह से कटान के चपेट में है। भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कूटी पर नदी का दबाव बढ़ा है। कस्बे के रामघाट, जानकी घाट पर नदी बैकरोलिग कर रही है, जो खतरे की घंटी है। चिऊटीडाड़ से लेकर रामपुर धनौली रिंग बंधों की सुरक्षा के लिए अधिकारी चक्रमण करते नजर आए। वहीं गोधनी बीबीपुर रिंग बंधों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जयप्रकाश यादव ने बताया कि स्थिति अभी कंट्रोल में है। हमारी पूरी कोशिश है कि सन 1998 जैसे हालात फिर न हों। बंधों की ऊंचाई बढ़ाई गई है। वहीं धनौली रामपुर से लेकर मुक्तिधाम तक बंधे की मरम्मत कराई गई है। नदी की तलहटी में बोल्डर पिचिंग कार्य कराया गया है। जिससे कटान का खतरा न हो। रेगुलेटरों पर भी सुरक्षा बढ़ायी गई है।
विज्ञापन
कस्बे के मल्लाहटोला, मेलाराम मुहल्ले में धीरे धीरे पानी नाले के रास्ते घुसने से मुहल्लेवासियों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शुक्रवार को नदी का जलस्तर 70.45 मीटर पर रहा। जबकि बृहस्पतिवार को 70.42 मीटर रहा। इस समय नदी का पूरा दबाव बंधों पर पड़ रहा है। जिससे सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार बंधों पर नजर रख रहे हैं। वहीं नवली गांव के समीप नदी पूरी तरह से दबाव बनाए हुए है। अगर नवली बंधा कटा तो नदी भीषण तबाही मचा सकती है। वहीं तीसरी बार बसाया गया नवली गांव इस समय पूरी तरह से कटान के चपेट में है। भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कूटी पर नदी का दबाव बढ़ा है। कस्बे के रामघाट, जानकी घाट पर नदी बैकरोलिग कर रही है, जो खतरे की घंटी है। चिऊटीडाड़ से लेकर रामपुर धनौली रिंग बंधों की सुरक्षा के लिए अधिकारी चक्रमण करते नजर आए। वहीं गोधनी बीबीपुर रिंग बंधों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जयप्रकाश यादव ने बताया कि स्थिति अभी कंट्रोल में है। हमारी पूरी कोशिश है कि सन 1998 जैसे हालात फिर न हों। बंधों की ऊंचाई बढ़ाई गई है। वहीं धनौली रामपुर से लेकर मुक्तिधाम तक बंधे की मरम्मत कराई गई है। नदी की तलहटी में बोल्डर पिचिंग कार्य कराया गया है। जिससे कटान का खतरा न हो। रेगुलेटरों पर भी सुरक्षा बढ़ायी गई है।
विज्ञापन