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Mau News: अधिकमास के संयोग से ज्येष्ठ माह में पड़ेंगे आठ बड़े मंगल
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इस वर्ष अधिकमास (मलमास) के कारण ज्येष्ठ माह 29 जून तक रहेगा। इस दौरान कुल आठ बड़े मंगल पड़ेंगे, जिनकी शुरुआत पांच मई से हो गई। अधिकमास हर तीन वर्ष में आता है, जिससे हिंदू वर्ष 13 माह का हो जाता है।
ज्येष्ठ माह वैशाख पूर्णिमा के बाद शुरू हुआ है। हिंदू त्योहार चंद्रमा की स्थिति और गति पर आधारित होते हैं। शुद्ध ज्येष्ठ मास में मांगलिक कार्य किए जाएंगे, जबकि अधिकमास में नहीं किए जाते। अधिकमास शुक्ल पक्ष 17 मई से 15 जून तक रहेगा।
इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष 29 जून की ज्येष्ठ पूर्णिमा तक चलेगा। मान्यता है कि इस मास में भगवान श्रीहरि विष्णु और श्री हनुमानजी की पूजा-अर्चना से सुख-शांति तथा सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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बड़राव गांव निवासी पंडित विवेकानंद शुक्ल ने बताया कि धर्म में ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है। इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है, जो भगवान हनुमान की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस वर्ष ज्येष्ठ माह का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस बार अधिकमास का दुर्लभ संयोग बन रहा है। उन्होंने बताया कि इस ज्येष्ठ माह में आठ बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं। सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह को विशेष महत्व दिया गया है।
वैशाख पूर्णिमा के बाद ज्येष्ठ माह की शुरुआत होती है। इस माह में श्री हनुमानजी की साधना का विशेष महत्व है, क्योंकि इस माह में प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है।
खास बात यह है कि अधिमास (पुरुषोत्तम मास) की वजह से आठ बड़े मंगल का विशेष संयोग मिलेगा, जो सामान्य वर्षों की तुलना में दोगुना है। इसकी वजह से श्री हनुमानजी की उपासना का दोहरा अवसर प्राप्त होगा।
इनमें पहले और अंतिम बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर भगवान हनुमान को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 40 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ करता है, तो उसे विशेष कृपा और कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।
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ज्येष्ठ माह वैशाख पूर्णिमा के बाद शुरू हुआ है। हिंदू त्योहार चंद्रमा की स्थिति और गति पर आधारित होते हैं। शुद्ध ज्येष्ठ मास में मांगलिक कार्य किए जाएंगे, जबकि अधिकमास में नहीं किए जाते। अधिकमास शुक्ल पक्ष 17 मई से 15 जून तक रहेगा।
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इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष 29 जून की ज्येष्ठ पूर्णिमा तक चलेगा। मान्यता है कि इस मास में भगवान श्रीहरि विष्णु और श्री हनुमानजी की पूजा-अर्चना से सुख-शांति तथा सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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बड़राव गांव निवासी पंडित विवेकानंद शुक्ल ने बताया कि धर्म में ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है। इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है, जो भगवान हनुमान की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस वर्ष ज्येष्ठ माह का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस बार अधिकमास का दुर्लभ संयोग बन रहा है। उन्होंने बताया कि इस ज्येष्ठ माह में आठ बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं। सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह को विशेष महत्व दिया गया है।
वैशाख पूर्णिमा के बाद ज्येष्ठ माह की शुरुआत होती है। इस माह में श्री हनुमानजी की साधना का विशेष महत्व है, क्योंकि इस माह में प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है।
खास बात यह है कि अधिमास (पुरुषोत्तम मास) की वजह से आठ बड़े मंगल का विशेष संयोग मिलेगा, जो सामान्य वर्षों की तुलना में दोगुना है। इसकी वजह से श्री हनुमानजी की उपासना का दोहरा अवसर प्राप्त होगा।
इनमें पहले और अंतिम बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर भगवान हनुमान को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 40 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ करता है, तो उसे विशेष कृपा और कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।