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Mau News: बूृंदाबांदी से फसलों पर संकट, किसान चिंतित, बढ़ी ठंड
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बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान दाना का असर रविवार को भी जिले में दिखा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। नम हवाओं के चलने से ठंड का अहसास हुआ। बारिश होने की संभावना के चलते किसानों को फसल नुकसान की चिंता सता रही थी। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानाें को दलहनी और तिलहनी बोआई स्थगित करने की सलाह दी है।
तूफान दाना को देखते हुए वैज्ञानिकों ने पहले ही जिले में असर होने का अनुमान जारी किया था। रविवार को तड़के से ही आसमान में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। हवा चलने के चलते लोगाें को ठंड का अहसास हो रहा था। रविवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 82 प्रतिशत रही। जबकि 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। आसमान में छाए बादल और बूंदाबांदी होने से किसानों को नुकसान की चिंता सता रही थी। वैज्ञानिकों ने बारिश होने की संभावना जताई है। जिले में इस समय धान की कटाई चल रही है। लेकिन मौसम नम होने के चलते खेतों में धान की कटाई बाधित रही। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो जिले में दलहनी, तिलहनी फसलों की बोआई हो रही थी। बारिश होती है तो बोआई किए गए खेतों में पपड़ी पड़ जाएगी। इससे जमाव की मात्रा कम हो जाएगी।
बारिश से गिर सकती है धान की फसल
हवा के साथ बारिश होने पर पकी धान की फसल गिर सकती है। इससे धान की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान दाना का असर है। बारिश होने की संभावना है। बारिश होने की स्थिति में नुकसान ज्यादा है। ऐसे में किसान मौसम को देखते हुए बोआई स्थगित रखें।
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तूफान दाना को देखते हुए वैज्ञानिकों ने पहले ही जिले में असर होने का अनुमान जारी किया था। रविवार को तड़के से ही आसमान में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। हवा चलने के चलते लोगाें को ठंड का अहसास हो रहा था। रविवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 82 प्रतिशत रही। जबकि 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। आसमान में छाए बादल और बूंदाबांदी होने से किसानों को नुकसान की चिंता सता रही थी। वैज्ञानिकों ने बारिश होने की संभावना जताई है। जिले में इस समय धान की कटाई चल रही है। लेकिन मौसम नम होने के चलते खेतों में धान की कटाई बाधित रही। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो जिले में दलहनी, तिलहनी फसलों की बोआई हो रही थी। बारिश होती है तो बोआई किए गए खेतों में पपड़ी पड़ जाएगी। इससे जमाव की मात्रा कम हो जाएगी।
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बारिश से गिर सकती है धान की फसल
हवा के साथ बारिश होने पर पकी धान की फसल गिर सकती है। इससे धान की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान दाना का असर है। बारिश होने की संभावना है। बारिश होने की स्थिति में नुकसान ज्यादा है। ऐसे में किसान मौसम को देखते हुए बोआई स्थगित रखें।
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