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Mau News: जनगणना में ओबीसी के लिए अलग जाति कॉलम शामिल करने की मांग
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भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामबली यशपाल ने कहा कि जाति आधारित जनगणना में ओबीसी के लिए अलग जाति कॉलम शामिल करने, एससी-एसटी-ओबीसी के हित में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने और वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग उठाई गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का निर्णय लेने के बावजूद जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी के लिए जाति कॉलम शामिल नहीं किया गया, जो पिछड़े वर्ग के साथ धोखाधड़ी है।
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उन्होंने मांग की कि आगामी जनगणना में ओबीसी और जाति का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए। इसके साथ ही वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को कमजोर बनाकर तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी न कर पाने से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को नुकसान पहुंचा है।
सरकार को सख्त नियम बनाकर लागू करना चाहिए। साथ ही वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट दी जाए। प्रदर्शन के दौरान धीरेंद्र कुमार चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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ज्ञापन सौंपने के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामबली यशपाल ने कहा कि जाति आधारित जनगणना में ओबीसी के लिए अलग जाति कॉलम शामिल करने, एससी-एसटी-ओबीसी के हित में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने और वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग उठाई गई।
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संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का निर्णय लेने के बावजूद जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी के लिए जाति कॉलम शामिल नहीं किया गया, जो पिछड़े वर्ग के साथ धोखाधड़ी है।
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उन्होंने मांग की कि आगामी जनगणना में ओबीसी और जाति का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए। इसके साथ ही वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को कमजोर बनाकर तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी न कर पाने से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को नुकसान पहुंचा है।
सरकार को सख्त नियम बनाकर लागू करना चाहिए। साथ ही वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट दी जाए। प्रदर्शन के दौरान धीरेंद्र कुमार चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।